राज्य
15-Mar-2026


पटना, (ईएमएस)। बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए आज 16 मार्च को होने जा रहे मतदान के लिए जारी घमासान ने राज्य के सियासी पारे को चढ़ा दिया है। एक ओर जहां सत्ता पक्ष अपनी मजबूती दिखा रहा है, वहीं विपक्षी खेमे ने पांचवीं सीट को ‘प्रतिष्ठा का विषय’ बना दिया है। विधानसभा में वोटों के गणित के अनुसार एनडीए को पांचवीं सीट जीतने के लिए तीन अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है, जबकि महागठबंधन को जीत के लिए छह अतिरिक्त विधायकों का साथ चाहिए। ऐसे में पांच विधायकों वाली आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) एवं बसपा विधायक की भूमिका इस चुनाव में निर्णायक मानी जा रही है। इस एक सीट को जीतने के लिए ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 विधायक और बसपा के इकलौते विधायक का महत्व काफी बढ़ गया है। दोनों गठबंधनों की ओर से जीत के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इस चुनाव की प्रक्रिया इतनी जटिल होती है कि विजय का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में अपनी सियासी गोलबंदी के तहत राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा रविवार को महागठबंधन के विधायकों के साथ अहम बैठक कर जीत की रणनीति पर चर्चा की गई। सभी विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश की जा रही है। उधर भाजपा, जदयू और लोजपा (रा) ने अपने-अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है। - पटना में पनास होटल में ठहरे हैं राजद के सभी विधायक महागठबंधन की ओर से अमरेद्र धारी सिंह उम्मीदवार हैं, जिन्हें जीत दिलाने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत मानी जा रही है। यदि ओवैसी और मायावती के विधायक राजद के पाले में वोट करते हैं, तो एनडीए के गणित का बिगड़ना तय माना जा रहा है। ऐसे में विधायकों के पलट जाने से के डर से तेजस्वी यादव ने अपने सभी विधायकों को पटना में पनास होटल में रखा है। पार्टी नेतृत्व ने निर्देश दिया है कि सभी विधायक वहीं रहेंगे और बिना अनुमति होटल से बाहर नहीं जाएंगे। बताया जा रहा है कि यह कदम राज्यसभा चुनाव के दौरान किसी तरह की टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग को रोकने के लिए उठाया गया है। सबसे मजेदार बात तो यह कि कांग्रेस अब तक विधायक दल के नेता और सचेतक का चुनाव नहीं कर पाई है। ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि विधायकों को अंतिम दिशा-निर्देश कौन देगा? * बिहार की सियासत में हलचल तेज राज्यसभा चुनाव को लेकर सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हैं, जिससे बिहार की सियासत में हलचल और तेज हो गई है। एनडीए नेताओं के यहां भी लगातार बैठकों का दौर जारी रहा। देर शाम जदयू के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री विजय चौधरी के आवास पर बैठक की गई। जबकि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के घर पर सभी विधायकों को वोटिंग की ट्रेनिंग दी गई। दरअसल, संख्या बल में एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का समर्थन हासिल है। * कुल 243 विधायक में से एनडीए के पास 202 विधायक जदयू से उम्मीदवार नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर, भाजपा से नितिन नवीन और शिवेश राम, तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उपेंद्र कुशवाहा मैदान में हैं। वहीं, अपनी भारी संख्या के कारण एनडीए की चार सीटों पर जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। आपको बता दें कि बिहार में एक राज्यसभा सीट के लिए 41 वोटों की आवश्यकता है। बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं, जिनमें से एनडीए के पास 202 विधायक हैं। यानी एनडीए चार सीटें आसानी से जीत सकता है। इसके बाद भी एनडीए के पास 38 वोट बच जाते हैं और 5वीं सीट की जीत के लिए उन्हें केवल 3 और वोटों की जरूरत होगी। वहीं महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, जबकि एआईएमआईएम के पास 5 और बसपा के पास 1 विधायक है। यदि ये सभी एकजुट रहे और आरजेडी के उम्मीदवार अमरेन्द्र धारी सिंह को वोट दें, तो राजद का उम्मीदवार जीत सकता है। * ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रहे बसपा के इकलौते विधायक इस पूरे चुनाव में बसपा के इकलौते विधायक सतीश कुमार सिंह यादव ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। उनके इर्द-गिर्द चर्चाएं तेज होने की दो मुख्य वजहें हैं। बिहार में बसपा विधायकों का इतिहास रहा है कि वे चुनाव जीतने के बाद अक्सर बड़ी पार्टियों (राजद, जदयू या भाजपा) का दामन थाम लेते हैं। वर्ष 2000 से लेकर जमा खान के मंत्री बनने तक, बसपा के विधायक पाला बदलते रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव में महज 30 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। ऐसे में उनके भविष्य के सियासी कदम को लेकर अटकलें तेज हैं कि वे एनडीए का साथ देंगे या राजद के पाले में जाएंगे। * एआईएमआईएम के 5 विधायकों का रुख हो सकता निर्णायक सबसे अहम बात की एआईएमआईएम के 5 विधायकों का रुख निर्णायक हो सकता है। अख्तरुल ईमान की तेजस्वी यादव से हालिया मुलाकात ने राजद की उम्मीदें जगा दी हैं। * उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पांचों सीटें जीतने का दावा किया बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पांचों सीटें जीतने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने जो बहुमत दिया है वो बिहार की जनता जान रही है और हमने 5 उम्मीदवार उतरे हैं तो सोच समझकर उतरे हैं। एनडीए पूरी तरह एकजुट है और सारे 5 के 5 सीट हम जीतेंगे। * भाजपा के लोगों ने पांचवें उम्मीदवारों को जबरदस्ती मैदान में उतारा राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि भाजपा के लोगों ने पांचवें उम्मीदवारों को जबरदस्ती मैदान में उतारा है। इस भरोसे से की हम धनबल और तंत्र बल से इस चुनाव को जीत लेंगे। लेकिन भाजपा अपने मकसद में सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कैसे वोट देना है और लाना है इसलिए सभी राजद विधायक एक साथ बैठ कर बात कर रहे हैं। हम लोग साथ बैठ कर बात करते हैं तो कहते हैं कि नजरबंद किया जा रहा है और खुद अपनी पार्टी के नेताओं की फोन को भी जब्त कर लेते हैं। संतोष झा- १५ मार्च/२०२६/ईएमएस