नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश के दस राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को मतदान होने जा रहा है, जिसमें राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इन 37 सीटों में से 26 सीटों पर प्रत्याशियों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर कड़े मुकाबले की उम्मीद है। चुनाव के लिए मतदान सुबह 9 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा और उसी दिन शाम 5 बजे से मतों की गिनती की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। वर्तमान गणित को देखते हुए जानकारों का मानना है कि उच्च सदन में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ताकत बढ़ने वाली है, जिसके पास फिलहाल 234 में से 134 सदस्य हैं। बिहार की पांच सीटों पर होने वाला चुनाव सबसे अधिक चर्चा में है, क्योंकि यहां मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार खुद मैदान में हैं। एनडीए खेमे से नीतीश कुमार के अलावा बीजेपी के नितिन नबीन, उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और शिवेश कुमार चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं। एनडीए अपनी पांचों सीटों पर जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिख रहा है, जिसके लिए रविवार को मुख्यमंत्री आवास और संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास पर विधायकों की रणनीतिक बैठकें हुईं। दूसरी ओर, आरजेडी को एआईएमआईएम का समर्थन हासिल हुआ है। तेजस्वी यादव की पहल के बाद एआईएमआईएम प्रमुख अख्तरुल इमान ने आरजेडी उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है। ओडिशा और हरियाणा में भी स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। ओडिशा की चार सीटों के लिए हो रहे चुनाव के बीच व्हिप के उल्लंघन और विधायकों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। बीजू जनता दल (बीजद) ने अपने दो विधायकों, चक्रमणि कन्हार और नव किशोर मलिक को महत्वपूर्ण बैठकों से गायब रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, कांग्रेस ने भी अपने एक लापता विधायक दशरथी गोमांगो को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। इन गतिविधियों ने क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को जन्म दे दिया है, जिससे बीजद और कांग्रेस दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चल रही खींचतान के बीच रिजॉर्ट पॉलिटिक्स का नजारा देखने को मिला। कांग्रेस के 31 विधायकों को टूट-फूट से बचाने के लिए शिमला के पास कुफरी से हटाकर सोलन जिले के कसौली स्थित एक निजी होटल में शिफ्ट किया गया है। भारी सुरक्षा के बीच इन विधायकों को कसौली लाया गया ताकि मतदान के दिन तक उन्हें एकजुट रखा जा सके। हिमाचल प्रदेश की एक, पश्चिम बंगाल की पांच, तमिलनाडु की छह और महाराष्ट्र की सात सीटों समेत कुल 26 सीटों पर समीकरण लगभग साफ हैं, लेकिन 11 सीटों पर होने वाला यह शक्ति प्रदर्शन आगामी राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वीरेंद्र/ईएमएस/16मार्च2026