नई दिल्ली (ईएमएस)। एसएफआई दिल्ली ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित ट्रांसजेंडर पर्सन्स (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसएफआइ) दिल्ली ने प्रस्तावित ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन आफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में सोमवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से इस विधेयक को तुरंत वापस लेने की मांग की और ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ एकजुटता जताई। उनका कहना था कि प्रस्तावित संशोधन ट्रांसजेंडर लोगों के संवैधानिक अधिकारों और कानूनी सुरक्षा को कमजोर करता है। प्रदर्शन के बाद एसएफआइ दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल प्रत्यय, इप्सिता और उर्सुला ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक नालसा बनाम भारत सरकार (2014) फैसले की भावना के खिलाफ है, जिसमें लैंगिक पहचान के आत्मनिर्णय के अधिकार को मौलिक अधिकार माना गया था। एसएफआइ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन में आत्म-पहचान के अधिकार को खत्म कर लैंगिक पहचान तय करने का अधिकार सरकारी मेडिकल बोर्ड को देने की बात कही गई है, जो ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की गरिमा और निजता के अधिकार का उल्लंघन है। संगठन ने मांग की कि विधेयक तुरंत वापस लिया जाए, आत्म-पहचान के सिद्धांत को बरकरार रखा जाए। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/17/मार्च /2026