राज्य
17-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने दिल्ली रेस क्लब और जयपुर पोलो क्लब को जमीन खाली करने का नोटिस दिया है। 100 साल पुराने इन क्लबों को विकास परियोजनाओं के कारण खाली कराया जा रहा है। करीब 100 वर्ष पहले शुरू हुए दिल्ली रेस क्लब और जयपुर पोलो क्लब अब अतीत बनने की ओर हैं। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के लैंड एंड डेवलपमेंट (एलएंडडीओ) दिल्ली रेस क्लब और जयपुर पोलो ग्राउंड को जमीन खाली करने का नोटिस दिया है। एलएंडडीओ ने विगत 12 मार्च के नोटिस के बाद अब 15 दिन के भीतर इस दोनों क्लब की भूमि को खाली किया जाना है। नोटिस के बाद रेस क्लब और केंद्रीय शहरी विकास विभाग के अधिकारियों की सोमवार को बैठक भी हुई जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला। दिल्ली रेस क्लब के सीईओ व सचिव कर्नल (सेवानिवृत्त) एसके बक्शी का कहना है कि वह सरकार के हर निर्णय के साथ हैं, लेकिन वह 250 घोड़ों और उनका लालन पालन करने वाले लोगों के परिवारों की सोचे, क्योंकि न तो घोड़ों को ही एकदम से कहीं भी ले जाकर खड़ा रखा जा सकता है और न ही रातों-रात रेस क्लब चालू हो सकता है। जहां पर घोड़ों की दौड़ होती है उस ट्रैक को ही बनने में एक से डेढ़ साल का समय लगेगा। उन्होंने सरकार से निवेदन किया है कि सरकार मदद की नजर से उनकी तरफ देखे। दिल्ली रेस क्लब में कई परिवार ऐसे हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी यहां काम कर रहे हैं। कुछ लोगों के परिवार लखनऊ में आजादी से पहले अंग्रेजों के घोड़े का काम देखते थे। अंग्रेजों के साथ उनके परिवार भी तभी दिल्ली आ गए। ये लोग छह-छह पीढ़ियों से यहीं घोड़ों के साथ अस्तबलों में रह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली रेस क्लब 8 मार्च 1926 को शुरू हुआ था। जो कि फिलहाल 53 एकड़ के करीब भूमि पर संचालित हो रहा है। इसी प्रकार जयपुर पोलो ग्राउंड 15 एकड़ में है। यह 1930 में शुरु हुआ था। एलएंडडीओ ने दोनों ग्राउंड के लिए पट्टे पर भूमि थी। जिसे विभाग ने इलाके में आने वाली विकास परियोजनाओं के चलते विस्तार न देने का निर्णय लिया है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/17/मार्च /2026