क्षेत्रीय
17-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। रोहिणी कोर्ट ने साढ़े 11 साल के बच्चे से कुकर्म और गला रेतकर हत्या करने वाले दोषी को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी को पॉक्सो अधिनियम और हत्या की धाराओं में अलग-अलग आजीवन कारावास मिला। कोर्ट ने अपराध को जघन्य माना लेकिन दुर्लभतम से दुर्लभ श्रेणी में नहीं रखा, इसलिए मृत्युदंड नहीं दिया। सात साल पहले साढ़े 11 साल के बच्चे की कुकर्म के बाद गला रेत कर हत्या करने वाले को रोहिणी कोर्ट ने दोहरी उम्रकैद की सुनाई है। कोर्ट ने हत्या व पोक्सो की अलग-अलग उम्रकैद के अलावा अपहरण की धारा में सात वर्ष के कारावास की सजा दी है। कोर्ट ने कहा कि दोषी का अपराध अत्यंत जघन्य प्रकृति है, लेकिन दुर्लभतम से दुर्लभ की श्रेणी नहीं माना जा सकता है, इसलिए दोषी को मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत ने सुनवाई के बाद शनिवार को 34 वर्षीय दोषी को हत्या व पोक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत दोहरी उम्रकैद की सजा दी। कोर्ट ने आरोपित को पिछले महीने की 24 तारीख को दोषी ठहराया था। न्यायाधीश ने पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है, इसी प्रकार भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत भी उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि का भुगतान न करने की स्थिति में छह-छह माह की कठोर कैद भुगतनी होगी। धारा 363 के अंतर्गत सात साल की कैद व 10 हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/17/मार्च /2026