क्षेत्रीय
17-Mar-2026


दतिया ( ईएमएस ) | प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य में जल संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए “जल गंगा संवर्धन अभियान-2026” का योजनाबद्ध एवं व्यापक क्रियान्वयन किया जाएगा। विगत दो वर्षों में इस अभियान के सफल संचालन के बाद शासन द्वारा वर्ष 2026 में भी इसे जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की अवधि 19 मार्च से प्रारंभ होकर 30 जून तक निर्धारित की गई है। अभियान की शुरुआत जिले में किसी प्रमुख जल स्रोत अथवा नदी के समीप कार्यक्रम आयोजित कर की जाएगी। प्रत्येक जिले में इस अभियान का क्रियान्वयन प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में किया जाएगा, जबकि जिला कलेक्टर को अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ ही नवीन जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण, पूर्व से उपलब्ध जल संरचनाओं की साफ-सफाई एवं मरम्मत, भूजल संवर्धन, जल स्रोतों में प्रदूषण के स्तर को कम करने तथा राजस्व रिकॉर्ड में जल संरचनाओं एवं नहरों का अंकन प्राथमिकता से किया जाएगा। साथ ही आगामी मानसून के दृष्टिगत पौधारोपण की आवश्यक तैयारियां भी सुनिश्चित की जाएंगी। इस महत्त्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने हेतु विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी विभाग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, पर्यावरण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, जन अभियान परिषद, संस्कृति विभाग एवं जनसंपर्क विभाग शामिल हैं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” को सभी की सहभागिता से जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा, जिससे जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़े और भविष्य के लिए जल संसाधनों का सतत संरक्षण सुनिश्चित हो सके।