क्षेत्रीय
17-Mar-2026


गुमला(ईएमएस)।केंद्रीय बजट सत्र के दौरान लोकसभा में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों (डिमांड फोर ग्रांट) पर हुई चर्चा में लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस की ओर से भाग लेते हुए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय पर जमकर हमला बोला। उन्होंने गुमला के साथ “सौतेला व्यवहार” करने का आरोप लगाते हुए गुमला में नई रेलवे लाइन के निर्माण की जोरदार मांग उठायी। संसद में अपने संबोधन के दौरान भगत ने कहा कि झारखंड, खासकर गुमला जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को अब तक रेलवे कनेक्टिविटी से वंचित रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने याद दिलाया कि गुमला, 1971 के भारत-पाक युद्ध के परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की जन्मस्थली है। फिर भी यह जिला आज तक रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़ पाया है। श्री भगत ने गुमला की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए अंजनी धाम (भगवान हनुमान का जन्मस्थल), टांगीनाथ धाम (भगवान शिव का प्राचीन धाम) और आदिवासियों के महत्वपूर्ण सिरसीता नाले जैसे आस्था के केंद्र स्थलों का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बॉक्साइट जैसे खनिज संसाधनों से भरपूर है लेकिन आधारभूत ढांचे के अभाव में विकास बाधित है। रेल बजट पर कटाक्ष करते हुए सांसद ने केंद्र सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया।उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि सरकार ने रेलवे में बड़ा बजट आवंटित किया है लेकिन हालत ऐसी है।जैसे दुकान में बिक्री तो बहुत हो लेकिन मालिक के पास बचत शून्य हो। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की सुपरफास्ट एक्सप्रेस में घोषणाएं तेज दौड़ रही हैं।लेकिन ट्रेन अभी भी प्लेटफॉर्म पर खड़ी है।सुखदेव भगत ने रेल मंत्री से मांग की कि गुमला में नई रेलवे लाइन के निर्माण को प्राथमिकता दी जाये ताकि क्षेत्र का समग्र विकास हो सके और पर्यटन, रोजगार तथा व्यापार को बढ़ावा मिले।इसके अलावा उन्होंने आम यात्रियों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों, खिलाड़ियों और वरिष्ठ नागरिकों को रेल यात्रा में दी जाने वाली छूट को फिर से लागू या सुदृढ़ किया जाना चाहिए, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।सांसद के इस आक्रामक और तथ्यपूर्ण वक्तव्य ने संसद में झारखंड के विकास और उपेक्षा के मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है। कर्मवीर सिंह/17मार्च/26