राज्य
17-Mar-2026
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:: खाली छोड़े गए मार्जिन पर भी लगेगा प्रॉपर्टी टैक्स; 5 साल की एकमुश्त वसूली के फरमान से भड़की कांग्रेस :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर नगर निगम द्वारा मकानों के खाली छोड़े गए हिस्से यानी एम.ओ.एस. पर संपत्ति कर थोपने के आत्मघाती फैसले ने शहर की सियासत में बारूद भर दिया है। इस अदृश्य टैक्स के विरोध में मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय को घेरा और प्रशासन की चूलें हिला दीं। हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों के तीखे तेवरों के बीच नगर निगम छावनी में तब्दील नजर आया। कांग्रेस ने इस टैक्स को सरकारी लूट करार देते हुए दोटूक चेतावनी दी कि इंदौर की जनता की गाढ़ी कमाई पर यह डकैती किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन के इस नए और विवादित प्रावधान के तहत अब हर मकान मालिक को अपने प्लॉट के उस हिस्से का भी दंड (टैक्स) भरना होगा, जिसे निर्माण नियमों की मजबूरी के कारण खाली छोड़ा जाता है। सबसे अधिक जन-आक्रोश पिछले 5 वर्षों का टैक्स एकमुश्त वसूलने के तुगलकी फरमान पर देखा जा रहा है। चिंटू चौकसे ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो जगह उपयोग में ही नहीं है और जिसे सरकारी दबाव में ही खुला रखा गया है, उस पर टैक्स वसूलना प्रशासन के दिवालियापन का प्रमाण है। इस फैसले से मध्यमवर्गीय परिवारों को अचानक हजारों रुपये का झटका लगेगा, जिससे आम आदमी का घरेलू बजट पूरी तरह चरमरा जाएगा। :: महापौर ने पल्ला झाड़ा, बोले- यह प्रदेश सरकार का फैसला :: विवाद की आंच बढ़ती देख महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस पूरे मामले से नगर निगम और एमआईसी को अलग कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि इस टैक्स का कोई भी प्रस्ताव स्थानीय स्तर पर नहीं लाया गया है, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार का एक नीतिगत निर्णय है जिसे नगर निगम केवल बेबसी में लागू कर रहा है। महापौर के इस बयान ने आक्रोशित जनता के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि शहर के प्रथम नागरिक ही जनता के हितों की रक्षा के बजाय भोपाल की ओर उंगली दिखाएंगे, तो फिर स्थानीय स्वशासन का अर्थ ही क्या रह जाता है। :: वसूली रोकने के लिए वार्ड स्तर पर मोर्चा संभालेगी कांग्रेस :: हंगामे के बीच निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को खुली चुनौती दी कि यदि निगम का कोई भी कर्मचारी टैक्स वसूली के लिए गलियों में नजर आया, तो कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर ही उसका कड़ा प्रतिरोध करेंगे। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यह विरोध केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर के हर वार्ड में उग्र आंदोलन की ज्वाला दहकेगी। भारी दबाव के बाद आयुक्त ने समीक्षा का रटा-रटाया आश्वासन तो दिया है, लेकिन जनता का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रकाश/17 मार्च 2026