राष्ट्रीय
18-Mar-2026
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नई दिल्‍ली (ईएमएस)। वंदेभारत एक्‍सप्रेस सुविधाओं के साथ-साथ स्‍पीड के लिए मशहूर है। इसकारण इसका किराया दूसरी प्रीमियम ट्रेनों राजधानी-शताब्‍दी से अधिक है। इस वजह से कई बार आम लोग इस ट्रेन से सफर करने से बचते हैं। लेकिन लोगों को निराश होने की जरूरत नहीं है। कई ट्रेन हैं, जिनका कराया साधारण है लेकिन इनकी स्‍पीड वंदेभारत से कम नहीं है। इस तरह कम किराए में भी आप वंदे भारत जैसी स्‍पीड का मजा ले सकते है। वंदे भारत एक्‍सप्रेस 180 किमी. प्रति घंटे की स्‍पीड के लिए डिजाइन की गई हैं, लेकिन ट्रेन 160 स्‍पीड तक दौड़ सकती है। हालांकि अभी दिल्‍ली से आगरा के बीच के ट्रैक इसरतह के हैं, जिसमें ट्रेन 160 की स्‍पीड से दौड़ती है। बाकी ट्रेन अधिकतम 130 किमी.की स्‍पीड से दौड़ती है। वहीं, कई मेल एक्‍सप्रेसे ऐसी हैं, जो 100 किमी. से अधिक स्‍पीड से दौड़ती हैं। इस सूची में स्‍वतंत्रता सेनानी एक्प्रेस के अलावा भगत सिंह एक्सप्रेस अमृतसर-जम्मूतवी रूट पर चलती है, जो 110-120 किमी.घंटा की स्पीड से दौड़ती है। वहीं, शहीद एक्सप्रेस (12363, 12364) हावड़ा-गाजीपुर सिटी रूट पर दौड़ती है। यह भी 100-120 किमी.घंटा के आसपास की स्‍पीड से चलती है। रानीक्ष्मीबाई एक्सप्रेस दिल्ली-झांसी-जबलपुर रूट पर चलती है। जो 110-130 किमी/घंटा की स्पीड से दौड़ती है, इसी क्रम में नेताजी एक्सप्रेस (12311, 12312) हावड़ा-कालका रूट पर 100-120 किमी. घंटा की स्पीड से दौड़ती है। ये साधारण मेल एक्‍सप्रेस हैं, जिसमें स्लीपर, थर्ड एसी और जनरल कोच होते हैं। ये ट्रेन लंबी दूरी स्‍पीड अधिक होने की वजह से कम समय पर चलती हैं। स्‍पीड बढ़ने का कारण ट्रैक पहले से बेहतर हो गए हैं और डेडिकेटेड कॉरिडोर बन चुका है, जिससे गुड्स ट्रेन मेन ट्रैक से डीएफसी में शिफ्ट हुई हैं। इस वजह से ट्रेनों की स्‍पीड बढ़ गई है। आशीष/ईएमएस 18 मार्च 2026