लेख
19-Mar-2026
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उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने टोल प्लाजा के विरुद्ध कई महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं, जिनमें सेवा में कमी के आधार पर अवैध टोल वसूली दो बार शुल्क लेना और सुविधाएं न देना जैसे मामलों में टोल कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया गया है, साथ ही गलत वसूली गई राशि को ब्याज सहित वापस करने और मुआवजे का आदेश दिया है। जिससे स्पष्ट है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत टोल प्लाजा भी उपभोक्ता सेवाओं के दायरे में आता हैं। टोल शुल्क लेने के बावजूद यात्रियों को पर्याप्त और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध नहीं कराना भी सेवा में कमी माना गया है।फास्टैग से गलत कटौती होने पर भी शिकायत की जा सकती है, और आईएचएमसीएल जैसी संस्थाएं जांच करने के बाद शिकायत सही पाए जाने पर रिफंड देती हैं और गलती करने वाले ऑपरेटर पर जुर्माना लगाती हैं।मध्यप्रदेश में सागर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजपूत से टोल प्लाजा पर 2 बार टोल टैक्स वसूले जाने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने टोल टैक्स कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए 5 हजार का हर्जाना और 2 हजार रुपए वाद खर्च के साथ अधिक कटी टोल टैक्स की राशि 6प्रतिशत ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। 31 दिसंबर 2024 को जब सागर जिला न्यायालय के अधिवक्ता संघ अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह राजपूत निजी काम से सागर के गढाकोटा जा रहे थे, जैसे ही वह सागर दमोह मार्ग पर स्थित चनाटोरिया प्लाजा पहुंचे, तो डंडा लिए खड़े टोलकर्मियों ने उन्हें रोका और बार-बार उनकी कार को आगे पीछे कराया।इसके बाद वह कहने लगे कि हमारी मशीन ठीक से काम नहीं कर रही है, आपको टोल टैक्स नगद देना होगा।जितेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि उनकी कार के फास्टैग में बैलेंस है, उसी से टोल टैक्स काट लें, लेकिन कर्मचारियों ने सर्वर खराब होने की बात कहकर नगद पैसे देने को कहा, जिसपर उन्होंने 25 रुपए नगद दिए। जिसके एवज में उन्हें सुबह10:53 बजे पर रसीद दी गयी।लेकिन कुछ देर में उनके मोबाइल में फास्टैग से 25 रुपए काटे जाने का मैसेज आया, जिसमें सुबह10:51बजे का समय दिया गया था।उन्होंने वापस जाकर टोल टैक्स वालों से शिकायत की, तो उन्होंने कम्प्यूटर की गड़बड़ी बताकर पैसे देने से मना कर दिया।उपभोक्ता आयोग में केस दायर करने पर टोल मैनेजर गोपाल सोनी ने स्वयं उपस्थित होकर अपनी गलती स्वीकार की और बताया कि तकनीकी खराबी के कारण 2 बार टोल ले लिया गया है, जिसे वे वापस करना चाहते है।जिस पर उपभोक्ता आयोग ने कहा कि 4 माह हो गए, अब तक क्यों वापस नहीं किया।जिसका संतोषजनक जवाब न देने पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजेश कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा ने टोल राशि वापस ना करने और सेवा में कमी मानते हुए टोल प्लाजा को 25 रूपए पर 6 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस देने, दो बार टोल लेने और राशि वापस नहीं करने पर सेवा में कमी मानते हुए 5000 रुपए हर्जाना और 2 हजार रुपए वाद खर्च देने का आदेश दिया है।इसी प्रकार टोल प्रबंधन द्वारा अधिक टोल टैक्स लेने के मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग रेवाड़ी ने टोल प्लाजा प्रबंधन को आदेश दिए हैं कि उपभोक्ता से ली गई अधिक टोल राशि वापिस की जाए व उपभोक्ता को 10 हजार रुपए का हर्जाना व केस खर्चा भी अदा करे।उक्त मामले में उपभोक्ता रामकिशन सैनी अपनी निजी कार से परिवार सहित 13 सितम्बर 2022 को रेवाड़ी से नारनौल गया था। जब उनकी गाड़ी काठुवास टोल प्लाजा पर पहुची तो उनकी गाड़ी के फास्ट टैग से नियमानुसार 65 रुपए का भुगतान ऑटोमैटिक कट गया, जिसके उपरांत वह उसी दिन सायं 8 : 17 बजे नारनौल से रेवाड़ी आ रहे थे ओर दोबारा से काठुवास टोल प्लाजा को पार करने लगे तो नियमानुसार उसी दिन 24 घण्टे में वापिस आने पर नियमानुसार फास्ट टैग से 35 रुपये ऑटोमैटिक कटने थे, क्योकि 24 घण्टे में वापिसी करने पर नियमानुसार आधे पैसे लेने का प्रावधान है, परन्तु काठुवास टोल टेक्स प्लाजा ने 35 रूपये के बजाय 65 रुपये काट लिया, जिसका उपभोक्ता ने विरोध भी किया, लेकिन टोल प्लाजा कर्मचारियो ने उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया। उपभोक्ता ने एक नोटिस भी टोल प्लाजा प्रबंधन को भिजवाया और नोटिस प्राप्त होने के तुरंत बाद टोल टैक्स प्लाजा ने 35 रुपए शिकायतकर्ता के खाते में जमा कर दिए, लेकिन तब तक उपभोक्ता अपनी शिकायत उपभोक्ता आयोग में कर चुका था और उसका यह मकसद भी था कि टोल टैक्स वाले आमजन को परेशान करना बंद करे। उपभोक्ता आयोग ने टोल प्लाजा प्रबंधन को तलब किया। दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें आयोग के समक्ष रखी। उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि टोल प्लाजा प्रबंधन,पीड़ित उपभोक्ता को 10 हजार रुपए का भुगतान बतौर हर्जाने के रुप में करे।इसी तरह जयपुर के दौलतपुरा टोल प्लाज़ा पर बिना हाईवे क्रॉस किए कार के फास्टैग से 55 रुपये टोल काटने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए टोल प्लाज़ा प्रबंधक पर 45हजार रुपये हर्जाना और काटे गए 55 रुपये 9प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है।उक्त मामले में पीड़ित उपभोक्ता के मुताबिक, उसकी कार घर में खड़ी थी,तब भी नेशनल हाईवे पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा से टोल काटने का मैसेज आ गया और खाते से पैसे कट गए।जिसे उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता सेवा में घोर लापरवाही माना है। (लेखक उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता आयोग के वरिष्ठ अधिवक्ता है) (यह लेखक के व्य‎‎‎क्तिगत ‎विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अ‎निवार्य नहीं है) .../ 19 मार्च /2026