नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम-एशिया में युद्ध के बीच सरकार ने बुधवार बताया कि एलपीजी के मामले में खासतौर पर गैस वितरकों के पास लग रही लोगों की लंबी कतार चिंता का विषय बना हुआ है। लेकिन आपूर्ति को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए रिफाइनरियों ने एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाकर 40 फीसदी तक कर दिया है। वहीं, देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। तेल कंपनियां अपनी शत-प्रतिशत क्षमता के साथ उत्पादन कर रही हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर केंद्र के पास कहीं से भी कमी या ड्राई आउट की कोई शिकायत नहीं आई है। इसलिए आम जनता से यह अपील है कि वो किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। सिलेंडर की बुकिंग के लिए ऑनलाइन माध्यम का ही प्रयोग करें। तेल कंपनियां पहले की तरह उपभोक्ताओं के घरों तक सिलेंडर की डिलीवरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वर्तमान में ऑनलाइन गैस बुकिंग का आंकड़ा 93 फीसदी तक जा पहुंचा है। यह जानकारी 18 मार्च को राजधानी में पश्चिम-एशिया के हालात पर आयोजित की गई अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में केंद्रीय पेट्रोलियम-प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव (मार्केटिंग-तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने दी है। राज्यों को एलपीजी का अतिरिक्त आवंटन उन्होंने बताया कि एलपीजी से पीएनजी की ओर आगे बढ़ने की दिशा में केंद्र ने राज्यों को एक पत्र लिखकर 10 फीसदी अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी का आवंटन करने की पेशकश भी की है। जिससे सीजीडी नेटवर्क मजबूत होगा। मूल रूप से मौजूदा हालात में दिया जाने वाला यह एक प्रकार का प्रोत्साहन है, जो चरणबद्ध रूप से लागू होगा। इसके अलावा सीजीडी के पास गैस कनेक्शन को लेकर किए जा रहे आवेदनों को मंजूरी देने के लिए राज्य-जिला स्तरीय समितियों के गठन पर 1 फीसदी, डीम्ड अनुमतियों से जुड़े आदेश पर 2 फीसदी, डिग-रेस्टोर योजना लागू करने पर 3 फीसदी और वार्षिक लीज शुल्क कम करने के लिए 4 फीसदी अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा। इसके अलावा पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए भी सरकार ने पूर्व में राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को लिखित रूप से जरूरी दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। दुनिया के 40 देशों से जारी तेल की खरीद शर्मा ने कहा कि हमने उपभोक्ताओं से ये अपील भी की है कि जहां तक संभव हो सके एलपीजी को छोड़कर पीएनजी कनेक्शन लें। इसका जमीनी रूप से असर भी दिखने लगा है। बीते दो सप्ताह में कंपनियों द्वारा कुल करीब 1 लाख 20 हजार नए कनेक्शन दिए जा चुके हैं। केंद्रीय दिशानिर्देशों की अंतिम अनुपालना की जिम्मेदारी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों की है। उनके माध्यम से ही घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं को तेजी से पीएनजी कनेक्शन मिल सकेंगे। 15 राज्यों ने वितरकों को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर दिए हैं। बीते करीब चार दिनों में देश में 7 हजार 200 टन कमर्शियल एलपीजी उत्थान हुआ है। कच्चे तेल की भी देश में कोई कमी नहीं है। फिलहाल भारत दुनिया के 40 देशों से इसकी खरीद कर रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/19मार्च2026