क्षेत्रीय
19-Mar-2026
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-“बुझ ही नहीं सकती ये आग, क्योंकि लगी कम फैलाई ज्यादा है- जानी बैरागी राजगढ़(ईएमएस)l जिले में खिलचीपुर में हिंदू नववर्ष के पूर्व बुधवार रात को खिलचीपुर का इमली स्टैंड काव्य, हास्य और उत्साह के रंग में रंग गया। भाजपा नेता अंशुल तिवारी द्वारा आयोजित “अखिल भारतीय कवि सम्मेलन” में बड़ी संख्या में करीब 5 हजार लोग जमा हुए, जो रात 9 बजे से डेढ़ बजे तक कवियों की प्रस्तुति का आनंद लेते रहे। रात का सबसे बड़ा आकर्षण शाजापुर के हास्य कवि दिनेश “देशी घी” का मंचन रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आधारित गीत “तेरी पलक झपकी श्री योगी, गुंडों की गाड़ी टपकी, सारा जमाना है तेरे पीछे...” सुनाकर पंडाल में तालियों और ठहाकों की गड़गड़ाहट पैदा कर दी। उनके हास्य और व्यंग्य ने दर्शकों को बार-बार हंसने और झूमने पर मजबूर किया। इंदौर के गीतकार अमन अक्षर ने भगवान राम पर आधारित अपनी प्रसिद्ध कविता “सहारा जग है प्रेरणा, प्रभाव सिर्फ राम है...” सुनाई, जिसने श्रोताओं को भक्ति रस में डुबो दिया। वहीं जोधपुर से आई कवयित्री आयुषी रखेचा ने हास्य और श्रृंगार रस का संगम प्रस्तुत किया। उनकी पंक्तियां “बढ़ती सी धड़कनों में खलल करके जाऊंगी, अगर झील सा है मन तो, कवल करके जाऊंगी...” ने युवाओं और महिलाओं को भावविभोर कर दिया। हास्य कवि जानी बैरागी ने अपनी चुटीली कविताओं और व्यंग्य के जरिए लोगों का खूब मनोरंजन किया। डीजल, पेट्रोल और गैस की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने व्यंग्यात्मक कविताओं से माहौल को हल्का-फुल्का बनाया। उन्होंने कहा, “बुझ ही नहीं सकती ये आग, क्योंकि लगी कम फैलाई ज्यादा है, जो देश घास की रोटी खाकर जिंदा रह सकता है, वह अमेरिका टेरिप से क्या मारेगा मेरे भाई।” श्रोताओं ने उनके ह्यूमर और व्यंग्य पर जोरदार ठहाके लगाए। - महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहे कार्यक्रम का संचालन ओरछा के कवि सुमित ओरछा ने किया। मंच पर हास्य, भक्ति, वीर और श्रृंगार रस का सुंदर संतुलन देखने को मिला। इस कवि सम्मेलन में केवल खिलचीपुर के लोग ही नहीं, बल्कि जीरापुर, माचलपुर, छापीहेड़ा, राजगढ़, खुजनेर और आसपास के दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचे। महिलाओं और युवाओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कवि सम्मेलन में भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, जिला महामंत्री देवी सिंह सोंधिया, पूर्व विधायक रघुनंदन शर्मा और अंशुल तिवारी भी मौजूद रहे। उन्होंने आमजन के बीच बैठकर कवि सम्मेलन का आनंद लिया और कवियों के मंचन की सराहना की। - आधे घंटे से ज्यादा आतिशबाजी हुई जैसे ही हिंदू नववर्ष का आगाज हुआ, कार्यक्रम स्थल पर करीब आधे घंटे तक आतिशबाजी की गई। अंशुल तिवारी ने श्रोताओं पर गुलाब के फूल बरसाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। कवियों की प्रस्तुतियों, हास्य, व्यंग्य, भक्ति और श्रृंगार रस के मिश्रण ने इस कवि सम्मेलन को न केवल यादगार बना दिया, बल्कि नववर्ष के स्वागत को भी विशेष अंदाज में मनाया गया। श्रोताओं ने इसे शहर के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन में से एक बताया। कई लोग इसे जीवनभर याद रखने लायक अनुभव मान रहे हैं। कवियों की प्रस्तुति और भीड़ की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि खिलचीपुर में साहित्य और संस्कृति के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है। -निखिल/राजगढ़/19/3/2026