देहरादून (ईएमएस)। प्रदेश में वर्षवार भर्ती प्रणाली की बहाली की मांग को लेकर नर्सिंग अभ्यर्थियों का धरना 105वें दिन में प्रवेश कर गया। लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। एकता विहार में धरना दे रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में लंबे समय से लंबित बैचों के कारण हजारों योग्य युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। कई अभ्यर्थी उम्र सीमा पार करने की कगार पर हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि सभी लंबित बैचों को वर्षवार भर्ती प्रणाली के तहत समायोजित किया जाए तथा रिक्त पदों को भी इसी क्रम में भरा जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। इस दौरान अभ्यर्थियों ने यह भी मांग रखी है कि आईपीएचएस मानकों के आधार पर नर्सिंग पदों पर पूर्व की भांति नियमित वर्षवार भर्ती प्रक्रिया को पुनः शुरू किया जाए, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षारत उम्मीदवारों को रोजगार के अवसर मिल सकें। धरने के दौरान अभ्यर्थियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलेंडर समाप्त होने के कारण वह लकड़ियों पर भोजन बनाने को मजबूर हैं। साथ ही, अब नगर निगम द्वारा लकड़ियों की व्यवस्था भी बंद कर दी गई है, जिसके चलते अभ्यर्थी स्वयं जंगल से लकड़ियां और पानी लाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। इस अवसर पर अनेक बेरोजगार शामिल रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/19 मार्च 2026