:: गांधी हॉल में नाटक के जरिए जीवंत हुई सम्राट विक्रमादित्य की गौरव गाथा, मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सूर्य अर्घ्य देकर किया शुभारंभ :: इंदौर (ईएमएस)। भारतीय नव वर्ष प्रतिपदा और विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ के अवसर पर आज इंदौर के ऐतिहासिक गांधी हॉल में विक्रमोत्सव के तहत गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर कोटि सूर्योपासना अभियान का श्रीगणेश किया। मुख्य अतिथि तुलसीराम सिलावट ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में देश प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र और विश्व गुरु बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह पर्व हमारी प्रगति, संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक है। :: मंच पर जीवंत हुआ इतिहास :: आयोजन का मुख्य आकर्षण रंगरूपिया थिएटर के रवि जोशी एवं टीम द्वारा प्रस्तुत नाटक विक्रमोत्सव रहा। करीब 40 मिनट के इस प्रभावी मंचन में न्यायप्रिय सम्राट विक्रमादित्य की वीरता और उनके सांस्कृतिक उत्थान के योगदान को दर्शाया गया, जिसे उपस्थित जनसमुदाय और स्कूली विद्यार्थियों ने भरपूर सराहा। :: वैश्विक स्तर पर भारतीय पंचांग की प्रासंगिकता :: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने विक्रम संवत की वैज्ञानिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य द्वारा स्थापित काल-गणना आज भी पूरी दुनिया में प्रासंगिक है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली विरासत से जोड़ना है। इस अवसर पर विधायक महेंद्र हाडिया, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, पार्षद गजानंद गावडे, भारत रघुवंशी, राजीव जैन, अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और प्रबुद्ध जन उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल आयोजन मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। प्रकाश/19 मार्च 2026