राज्य
20-Mar-2026


इन्दौर (ईएमएस) अपर सत्र न्यायाधीश विश्व दीपक तिवारी की कोर्ट ने नौ वर्ष की मासूम बालिका से शारीरिक एवं मानसिक क्रूरता के प्रकरण सुनवाई उपरांत आरोपी रामप्रकाश जायसवाल पिता झगड़ प्रसाद उम्र बावन साल निवासी नेहरू नगर व उसकी पत्नी लक्ष्मी जायसवाल को धारा 324 एवं किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 में दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थ दंड की सजा से दंडित किया है। प्रकरण में अभियोजन पैरवी अपर लोक अभियोजक श्याम दांगी ने की। प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि आरोपियों की कोई संतान न होने पर अपने एक रिश्तेदार की 9 वर्षीय बालिका को वे दोनों आरोपी यह कहकर लाए थे कि वे ना केवल अपनी संतान की तरह उसकी देखभाल करेंगे बल्कि उसे पढ़ाएंगे, लिखाएंगे और पालन पोषण भी करेंगे। बाद में पता चला कि बालिका से घर के सारे काम करवाने के साथ ही आरोपियों द्वारा उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ना भी दी जा रही थी। उसे ठीक से खाना भी नहीं दिया जाता था। आसपास के लोगों द्वारा बच्ची के साथ मारपीट आदि का विरोध करने पर आरोपियों द्वारा उन्हें भी धमकाया जाता था। घटना वाली रात बालिका के साथ आरोपी द्वारा लोहे के गर्म चिमटे से मारपीट किए जाने की बात सामने आने पर आसपास के लोगों ने चाइल्ड लाइन टीम को खबर कर दी। टीम के मौके पर पहुंचने के बाद मामला थाने तक पहुंचा और दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। घटना 23 जुलाई 2022 की थी। पीड़ित बालिका को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा पुलिस ने प्रकरण विवेचना उपरांत चालान कोर्ट में पेश किया जहां सक्षम न्यायालय ने सुनवाई उपरांत उक्त निर्णय सुनाया। आनंद पुरोहित/ 20 मार्च 2026