राज्य
20-Mar-2026


इन्दौर (ईएमएस) अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा की कोर्ट ने नगर निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी ध्रुव वर्मा निवासी चंद्रभागा क तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई। उसने स्वयं को राजस्व अधिकारी बता इस ठगी की वारदात को अंजाम दिया था इसके पहले भी उसके खिलाफ ठगी के दो अलग-अलग मामले थे। प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि 19 अप्रैल 2023 को आजाद नगर पुलिस थाने में प्रवीण सिंह चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ध्रुव वर्मा ने खुद को नगर निगम का राजस्व अधिकारी बताकर इंदौर नगर निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर उससे पांच लाख रुपये ठग लिए। उसने निगम के स्वास्थ्य विभाग में सहायक क्लर्क के रूप से 35 हजार रुपये महीने की तनख्वाह वाली नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था। जब वह नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया तो विवेचना दौरान यह बात भी सामने आई कि आरोपी अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी कर चुका है। वह निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी कर रहा है। उसके खिलाफ ऐसा ही ठगी का एक अन्य प्रकरण फरियादी प्रतीक रायकवार की रिपोर्ट पर आजाद नगर थाने में दर्ज हुआ है। इसमें भी आरोपी ने प्रतीक एवं एक अन्य से नगर निगम में नौकरी लगवाने के नाम पर दो-दो लाख रुपये लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिए थे। पुलिस ने विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया जहां सुनवाई उपरांत कोर्ट ने उक्त निर्णय दिया। आनंद पुरोहित/ 20 मार्च 2026