काबुल,(ईएमएस)। अफगानिस्तान में तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने पाकिस्तान को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट रुख अख्तियार किया है। ईद-उल-फितर के अवसर पर कंधार की ईदगाह में हजारों लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि तालिबान किसी भी सैन्य धमकी या बाहरी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। अखुंदजादा ने बिना नाम लिए पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि हवाई हमलों, गोलाबारी या डराने-धमकाने की रणनीति से उनका रुख नहीं बदलेगा। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि यदि तालिबान डरने वाला होता, तो वह नाटो और पश्चिमी देशों के खिलाफ दो दशकों तक चले लंबे युद्ध में कभी टिक नहीं पाता। अखुंदजादा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पर पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच तनाव चरम पर है। पाकिस्तान ने हाल ही में ऑपरेशन गजब लिल-हक के तहत आक्रामक कार्रवाई की थी, जिसे ईद के मद्देनजर अस्थायी रूप से रोका गया है। हालांकि, इस संघर्ष के बीच पाकिस्तान पर एक अस्पताल पर हमले का गंभीर आरोप लगा है, जिसमें लगभग 400 लोगों के मारे जाने की खबर है। संघर्ष विराम के दावों के बावजूद सीमा पर सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अपनी पुरानी आदत को दोहराते हुए पाकिस्तान ने इस आपसी विवाद में भी भारत का नाम घसीटने की कोशिश की है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने एक अजीबोगरीब दावा करते हुए कहा कि अफगान तालिबान द्वारा किए गए हालिया हमलों में भारतीय ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, हमेशा की तरह पाकिस्तान इस दावे के समर्थन में कोई भी ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रहा। दूसरी ओर, पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने तालिबान द्वारा लगाए गए सीजफायर उल्लंघन के आरोपों को बेबुनियाद और झूठा करार दिया है। अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते आत्मविश्वास और पाकिस्तान के आरोपों ने क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य सरगर्मियां बढ़ा दी हैं। अखुंदजादा के इस संदेश ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट और बढ़ सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस/20मार्च2026