अंतर्राष्ट्रीय
20-Mar-2026


तेलअवीव,(ईएमएस)। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया है कि उनका देश अब ईरान के ऊर्जा ढांचे (एनर्जी स्ट्रक्चर) पर आगे कोई हमला नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तेल और गैस ठिकानों पर हुए हमलों के कारण वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। नेतन्याहू ने यह भी स्वीकार किया कि यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परामर्श के बाद लिया गया है। हालिया घटनाक्रम में इजराइली लड़ाकू विमानों द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर बमबारी की गई थी। इसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के तेल-गैस ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इन हमलों में कतर के दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी एक्सपोर्ट प्लांट को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है, जिसे ठीक करने में पांच साल लग सकते हैं और करीब 20 अरब डॉलर का वार्षिक नुकसान होने का अनुमान है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध के तीसरे हफ्ते में प्रवेश करने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ईरान को चेतावनी दी है कि यदि कतर जैसे देशों पर हमले जारी रहे, तो अमेरिका पूरे साउथ पार्स गैस क्षेत्र को तबाह कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजराइल को आगे हमला न करने की सलाह दी है और उन्हें विश्वास है कि इजराइल उनकी बात मानेगा। उन्होंने अमेरिका और इजराइल के मजबूत संबंधों और आपसी तालमेल पर भी जोर दिया। नेतन्याहू ने दावा किया कि तीन हफ्तों के इस संघर्ष के बाद ईरान अब यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की स्थिति में नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि इजराइल ईरान के औद्योगिक ढांचे को उस स्तर तक खत्म कर रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ। साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि यह युद्ध उम्मीद से कहीं अधिक जल्दी समाप्त हो सकता है। इजराइल अब अमेरिका के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों को फिर से खोलने और भविष्य के लिए वैकल्पिक पाइपलाइन नेटवर्क विकसित करने पर विचार कर रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/20मार्च2026