बस्ती(ईएमएस)। शुक्रवार को विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता पेड वाले बाबा गौहर अली ने रोडवेज के निकट नीम के पेड़ पर गौरैया के लिये घोसला लगाया जिससे वे सुरक्षित रह सके। सामाजिक कार्यकर्ता गौहर अली ने कहा कि प्रकृति की नन्हीं दूत मानी जाने वाली गौरैया लोगों के इर्द-गिर्द ही रहना पसंद करती है। लेकिन पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ता प्रदूषण, रेडियशन व रासायनिक उर्वरकों के बढ़ते उपयेाग से गौरैया के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। गौरैया की लुप्त होती प्रजाति बेहद चिंता का विषय भी है। हालांकि गौरेया को बचाने और उन्हें संरक्षित करने की दिशा में शहर के कई पशु-पक्षी प्रेमी समर्पित हैं इसके बावजूद घर आंगन की रौनक गौरैया का जीवन खतरे में हैं। इसे बचाने के लिये पहल करना होगा। ईएमएस/20/03/26