- अब तक 27 हजार के पार पहुंची संख्या भोपाल (ईएमएस)। भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का प्रदेश के 10 जिलों के युवाओं के सिर चढक़र बोल रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि इस साल अग्निवीर भर्ती के लिए होने वाले ऑनलाइन आवेदनों की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब तक ऑनलाइन आवेदन की संख्या 27 हजार 356 तक पहुंच गई है। एक अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन होंगे यानी अब भी 13 दिन शेष हैं। सेना भर्ती कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि इस बार ग्वालियर और चंबल अंचल के युवाओं में सेना की वर्दी के प्रति दीवानगी और बढ़ रही है। अग्निवीर के प्रति बढ़ते रुझान से सेना के अधिकारी भी उत्साहित हैं। इस साल सेना में अधिक संख्या में सैनिक सेवानिवृत्त हुए, इससे सेना की हर यूनिट में रिक्तियाँ अधिक हैं। आकलन के मुताबिक अकेले ग्वालियर सेना भर्ती कार्यालय को ही करीब दो हजार अग्निवीरों की रिक्तियों पर भर्ती करनी है। सेना के अधिकारियों के मुताबिक, जब अभ्यर्थी अधिक होंगे तो मैदान से लेकर लिखित परीक्षा तक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इससे कट-ऑफ ऊपर जाएगा और कुशल व ऊर्जावान अग्निवीर सेना को मिलेंगे, जो तकनीकी रूप से भी मजबूत होंगे। जिलावार आवेदनों का विवरण जिला - आवेदन संख्या मुरैना - 8983 भिंड - 5520 शिवपुरी - 3303 ग्वालियर - 2970 सागर - 1826 टीकमगढ़ - 1612 दतिया - 1052 छतरपुर - 887 निवाड़ी - 854 श्योपुर - 349 कुल - 27356 तकनीक और ऑफिस असिस्टेंट पदों के लिए बढ़ा रुझान अग्निवीर तकनीक और ऑफिस असिस्टेंट पदों के लिए इस बार आवेदन बढ़े हैं। पहले 200 से 300 ही आवेदन 10 जिलों से आते थे, लेकिन इस बार संख्या अधिक है। अग्निवीर तकनीक के लिए 1892 अभ्यर्थी और अग्निवीर ऑफिस असिस्टेंट के लिए 891 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। अभ्यर्थी बढऩे की तीन बड़ी वजहें पिछले साल तक अग्निवीर भर्ती के लिए अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 21 वर्ष निर्धारित थी। इसे एक वर्ष बढ़ाकर 22 वर्ष कर दिया गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीआईएसएफ, बीएसएफ सहित अन्य सीएपीएफ में 50 प्रतिशत तक कोटा अग्निवीरों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। इससे अब अग्निवीर का कार्यकाल पूरा होने के बाद इनके अभ्यर्थियों के सामने भविष्य का संकट नहीं है। सीएपीएफ में ये आसानी से जा सकेंगे। वहीं ऑपरेशन सिंदूर में अग्निवीरों ने बेहतर प्रदर्शन कर दुश्मन को धूल चटाने में किया। ड्रोन अटैक में भी अग्निवीरों का बेहतर प्रदर्शन रहा, जिसे देशभर में सराहना मिली। इसलिए अब युवा सेना में जाने के लिए बेताब हैं। विनोद / 20 मार्च 26