राष्ट्रीय
20-Mar-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक राज्यसभा के 229 सांसदों में से 73 (32 प्रतिशत) ने अपने ऊपर चल रहे क्रिमिनल केस की जानकारी दी है। वहीं करीब 14 प्रतिशत सांसदों ने खुद को अरबपति घोषित किया है। यह रिपोर्ट 233 में से 229 सांसदों के शपथ पत्र (एफिडेविट) के आधार पर बनाई गई है। एक सीट खाली है और तीन सांसदों की जानकारी नहीं मिली। इसमें हाल ही में चुने गए 37 सांसद भी शामिल हैं। राज्यसभा के 73 सांसदों में से 36 (16 प्रतिशत) पर गंभीर आरोप हैं। एक सांसद पर मर्डर का केस है। वहीं चार सांसदों पर हत्या की कोशिश और तीन पर महिलाओं से जुड़े अपराध के केस हैं। 31 सांसद अरबपति रिपोर्ट में बताया गया कि 31 सांसद (14 प्रतिशत) के पास अरबों रुपए की संपत्ति है। बड़ी पार्टियों में कई सांसदों ने 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बताई है। भाजपा के 6, कांग्रेस के 5, वायएसआरसीपी के 4,आप के 2, बीआरएस के 2, एनसीपी के 3 और अन्य दलों के 9 सांसद इस लिस्ट में हैं। एवरेज एक राज्यसभा सांसद के पास करीब 120.69 करोड़ रुपए की संपत्ति है। पार्टियों के हिसाब से औसत संपत्ति अलग-अलग है। भाजपा के सांसदों के पास औसतन 28.29 करोड़, कांग्रेस के पास 128.61 करोड़, टीएमसी के पास 17.70 करोड़ और आप के पास 574.09 करोड़ रुपए हैं। अन्य पार्टियों में वायएसआरसीपी (522.63 करोड़), सपा (399.71 करोड़), बीजद (105.63 करोड़) और डीएमके (11.90 करोड़) शामिल हैं। सबसे ज्यादा संपत्ति बीआरएस के बंदी पार्थ सराधी के पास है (5300 करोड़ से ज्यादा)। उनके बाद आप के राजिंदर गुप्ता (5053 करोड़ से ज्यादा) और वायएसआरसीपी के अयोध्या रामी रेड्डी (2577 करोड़ से ज्यादा) हैं। सबसे कम संपत्ति आप के संत बलबीर सिंह के पास है (करीब 3 लाख रुपये)। उनके बाद मणिपुर के महाराजा सनाजाओबा लीशेम्बा (करीब 5 लाख) और टीएमसी के प्रकाश चिक बराइक (करीब 9 लाख) हैं। आशीष दुबे / 20 मार्च 2026