- धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज, भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु जबलपुर, (ईएमएस)। वासंतेय नवरात्र पर्व के द्वितीय दिन माँ देवी के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की उपासना आराधना की गई। देवी देवालयों में बैठकी पर घटस्थापना के बाद जवारे बोये गये और अखण्ड ज्योत प्रज्वलित की गई। नवरात्र पर्व के प्रारंभ होने के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला प्रारंभ हो गया। मंदिरों में दुर्गा सप्तसती के पाठ चल रहे हैं तो अनेक स्थानों पर देवी महापुराण चल रहे हैं। देवी के जगराते भी अनेक धार्मिक संस्थाओं द्वारा आयोजित किये जा रहे हैं। वासंतेय नवरात्र पर्व पर अलसुबह से ही मंदिरों में जल ढारने के लिये भक्तों की कतारें लग रही हैं। धीरे-धीरे शहर भक्तिभाव में डूबने लगा है। शहर के अति प्राचीन बड़ी खेरमाई मंदिर भानतलैया, छोटी खेरमाई राईट टाऊन, छोटी देवन दीक्षितपुरा काली दरबार सदर, मक्रवाहिनी मंदिर पानदरीबा, श्री बगलामुखी सिद्ध पीठ मंदिर मढ़ाताल, श्री त्रिपुर सुंदरी मंदिर तेवर में पहले ही दिन से ही नवरात्र मेले की धूमधाम शुरू हो गई हैं। श्री बगलामुखी सिद्ध पीठ मढ़ाताल में 1001 अखण्ड ज्योति कलश प्रज्वलित किये गये हैं। यहां आचार्य विद्वानों द्वारा दुर्गा सप्तसती का पाठ निरंतर किया जा रहा है। सुबह शाम मां पीताम्बरा का अर्चन और महाआरती की जा रही है। चारखम्बा स्थित बूढ़ी खेरमाई मंदिर में भी धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला चल रहा है। बड़ी खेरमाई मंदिर भानतलैया में रात के द्वितीय पहर से ही श्रद्धालु भक्तों का पहुंचना प्रारंभ हो गया है। हर तरफ माँ के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। सूर्योदय के साथ ही मंदिरों के घंटे-मृदंग बजना प्रारंभ हो जाते हैं। जल ढारने वाली श्रद्धालु महिलाओं की भीड़ लग जाती है। सुनील साहू / मोनिका / 20 मार्च 2026