क्षेत्रीय
20-Mar-2026
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- धमकियों से परेशान पुजारी रातों-रात मूर्तियां ले गया, वीडियो में बोला- मुझे पीटा, गालियां दीं राजगढ़(ईएमएस)l जिले के खिलचीपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में शुक्रवार सुबह श्रद्धालु पूजा के लिए पहुंचे तो भगवान की मूर्तियां नहीं मिलीं। भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की मूर्तियां गायब थीं। वीरान मंदिर को देखकर श्रद्धालु डॉ. एस. प्रसाद मंदिर परिसर में ही बैठकर रो पड़े। उन्होंने कहा, हमारे भगवान हमें छोड़कर चले गए। वहीं घटना की सूचना मिलते ही खिलचीपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में साफ दिख रहा है कि देर रात पुजारी विष्णुदास सका मंदिर में प्रवेश करते हैं। गेट बंद करते हैं और पर्दे लगा देते हैं। इसके बाद वे भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के पास जाते हैं। प्रणाम करते हैं। हाथ में जल लेकर मंत्रोच्चार करते हैं, फिर पर्दे लगा देते हैं। कुछ देर बाद वे मंदिर की लाइट और सीसीटीवी कैमरे बंद कर देते हैं। इसके बाद अंदरूनी खिड़की के रास्ते प्रतिमाओं को दूसरे कमरे में ले जाकर अपने साथ ले जाते हैं। कार में बैठकर मंदिर परिसर से निकल जाते हैं। सुबह भक्त मंदिर पहुंचे तो मूर्तियां गायब मिलीं यह देख एक भक्त रोने लगा और कहने लगा कि उसकी मूर्तियाँ चोरी हो गई हैं। - पुजारी ने वीडियो में बताई आपबीती घटना के बाद पुजारी विष्णुदास सखा ने एक वीडियो जारी किया, जो उन्होंने चलती कार में बनाया। वीडियो में उन्होंने कहा- “हरे कृष्णा, मैं विष्णु सखा दास बोल रहा हूं। मैं भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा महारानी जी की सेवा में था। आज मैं खिलचीपुर छोड़कर जा रहा हूं। मैं भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा जी को अपने साथ लेकर जा रहा हूं। इसका मुख्य कारण यह है कि मुझे कई प्रकार से प्रताड़ित किया गया। मुझे गालियां दी गईं।धमकाया जा रहा था कि यहां से निकल जाओ। मेरे साथ मारपीट भी की गई। मैंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कुछ लोगों ने पुलिस को फोन कर शिकायत लिखने से मना करवा दिया। मेरे साथ जो घटना हुई, उसमें मेरी मदद के लिए कोई नहीं आया। मैं अपनी इच्छा से यहां से नहीं जा रहा हूं, बल्कि बहुत परेशान था। इसी बीच एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें भंवरलाल नाम का व्यक्ति मंदिर में पहुंचकर पुजारी से अभद्रता करते नजर आ रहा है। वह पुजारी को गालियां देते हुए कहता है— “मंदिर में पुलिस क्यों आ रही है? हम यहां गांजा बेचेंगे, पिलाएंगे… जो करना है कर लो… थाने में रिपोर्ट करो, विधायक और सांसद से कह दो।” बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर मंदिर बना है, वह सरकारी जमीन है। मंदिर के पास कुछ असामाजिक तत्व अक्सर बैठकर गांजा पीते थे। धीरे-धीरे उनका वहां जमावड़ा बढ़ने लगा। आरोप है कि ये लोग इस जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। इसी वजह से मंदिर को हटाने के लिए पुजारी को लगातार परेशान किया जा रहा था। कुछ दिन पहले मंदिर परिसर में गांजा पीने और अभद्रता करने की शिकायत पुलिस तक पहुंची थी। इसके बाद खिलचीपुर पुलिस जांच के लिए आने लगी, जिससे ये लोग नाराज हो गए। - आखिर कैसे बना था मंदिर, कैसे जुड़ी आस्था खिलचीपुर की सरकारी जमीन पर श्रीराम पेट्रोल पंप के पास संत सोहन दास महाराज का आश्रम स्थित है। इसी परिसर में वर्ष 2021 में रामनवमी के दिन भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। ये प्रतिमाएं जगन्नाथ पुरी से लाई गई थीं और वृंदावन के संत गोलोक वृंदावन दास महाराज के मार्गदर्शन में सोहनदास महाराज की अनुमति से विधि-विधानपूर्वक स्थापित की गई थीं। स्थापना के बाद धीरे-धीरे यह स्थान धार्मिक आस्था का केंद्र बन गया। यहां नियमित रूप से भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक आयोजन होने लगे। हर साल जगन्नाथ रथ यात्रा भी बड़े धूमधाम से निकाली जाती थी, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होते थे। पिछले पांच वर्षों से वृंदावन से आए पुजारी विष्णुदास सखा इस मंदिर में सेवा कर रहे थे। वे मंदिर परिसर में ही एक कमरे में रहते थे और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की सेवा में लगे रहते थे। स्थानीय लोग भी उन्हें एक सरल और समर्पित पुजारी के रूप में जानते थे। मंदिर से जुड़े श्रद्धालु डॉ. एस. प्रसाद ने रोते हुए बताया कि यह घटना जगन्नाथ भक्तों के लिए बेहद पीड़ादायक है। मंदिर परिसर में कुछ असामाजिक तत्व आए दिन गांजा पीते थे। पुजारी को लगातार प्रताड़ित करते थे। वे गालियां देते, मारपीट करते और धमकी देते थे कि मंदिर खाली कर दो, नहीं तो जान से मार देंगे। डॉ. प्रसाद ने बताया कि आरोपी मंदिर परिसर में एक कमरे को अड्डा बनाकर 7–8 लोगों के साथ नशा करते थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और पुलिस की मौजूदगी उन्हें खटकती थी। उन्होंने पुजारी से मारपीट की और धमकियां दीं। अब वे इस मामले में पुलिस से शिकायत करेंगे। -निखिल/राजगढ़/20/3/2026