नई दिल्ली (ईएमएस)। बुजुर्गों में जोड़ों का दर्द बड़ी परेशानी बन जाता है। जोडों के कारण बुजुर्गों के लिए चलना-फिरना और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। दर्द के कारण व्यक्ति की सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित होने लगती है। आयुष विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कुछ घरेलू उपायों को सही तरीके से अपनाया जाए तो इस समस्या में काफी हद तक राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि देसी घी का संतुलित और सही उपयोग जोड़ों के दर्द को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। देसी घी में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूती प्रदान करते हैं। यह जोड़ों की जकड़न को कम करने और शरीर को ऊर्जा देने में सहायक माना जाता है। यदि इसका नियमित और संतुलित तरीके से उपयोग किया जाए तो धीरे-धीरे दर्द और अकड़न में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि इसके साथ संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाना भी जरूरी होता है। डॉक्टरों का कहना है कि घी का उपयोग मालिश के रूप में भी काफी लाभकारी हो सकता है। रात में सोने से पहले थोड़ा सा देसी घी हल्का गुनगुना करके दर्द वाले जोड़ों पर धीरे-धीरे मालिश करने से राहत मिल सकती है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और सूजन कम होने में मदद मिलती है। नियमित रूप से ऐसा करने से जोड़ों की अकड़न कम हो सकती है और शरीर को आराम मिलने के साथ नींद भी बेहतर हो सकती है। इसके अलावा सीमित मात्रा में घी का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है। सुबह खाली पेट या भोजन के साथ एक से दो चम्मच देसी घी लेने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और हड्डियों को मजबूती मिलती है। इससे धीरे-धीरे जोड़ों के दर्द में आराम महसूस हो सकता है। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि घी के साथ कुछ प्राकृतिक तत्वों का उपयोग करने से इसका असर और बेहतर हो सकता है। उदाहरण के तौर पर हल्दी या अदरक के साथ घी का सेवन करने से शरीर में सूजन कम करने में मदद मिलती है। गर्म दूध में एक चम्मच घी और चुटकी भर हल्दी मिलाकर पीना भी लाभकारी माना जाता है। हालांकि डॉक्टरों का यह भी कहना है कि जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें घी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। सुदामा/ईएमएस 21 मार्च 2026