- फरवरी में एफपीआई ने 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था नई दिल्ली (ईएमएस)। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च 2026 में भारतीय शेयर बाजार से 88,180 करोड़ रुपये (लगभग 9.6 अरब डॉलर) की निकासी की है। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई हर कारोबारी सत्र में शुद्ध बिकवाल रहे। फरवरी में एफपीआई ने 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो पिछले 17 महीनों में सबसे ऊंचा था। लेकिन मार्च में निकासी के साथ, 2026 में अबतक एफपीआई की कुल निकासी एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि निकासी के कई कारण हैं जैसे पश्चिम एशिया में तनाव- क्षेत्रीय संघर्ष और अस्थिरता ने निवेशकों की धारणा प्रभावित की है। कच्चे तेल की ऊँची कीमतें– होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार गया, जिससे भारत की वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि– बढ़ते बॉन्ड रिटर्न ने डॉलर संपत्तियों को अधिक आकर्षक बनाया और एफपीआई उभरते बाजारों से पैसे निकाल रहे हैं और रुपया और वैश्विक बाजार की कमजोरी– रुपये में गिरावट और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता ने जोखिम लेने की प्रवृत्ति को कम किया। सतीश मोरे/22मार्च ---