:: गांधीधाम में 87वीं नेशनल सब-जूनियर टेबल टेनिस चैंपियनशिप आज से; 32 टीमों के बीच श्रेष्ठता की जंग :: गांधीधाम (ईएमएस)। कच्छ की तपती गर्मी और खेल के प्रति बढ़ते जुनून के बीच सोमवार, 23 मार्च से टेबल टेनिस के भविष्य के सितारों का महाकुंभ सजने जा रहा है। गांधीधाम स्थित हरेश संगतानी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के एम.पी. मित्रा इंडोर स्टेडियम में यूटीटी 87वीं इंटर-स्टेट सब-जूनियर और कैडेट नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप का भव्य आगाज़ होगा। लड़कों के अंडर-15 वर्ग में जहाँ कुल 32 टीमें राष्ट्रीय खिताब के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगी, वहीं व्यक्तिगत श्रेणियों में प्रविष्टियों के रिकॉर्ड आंकड़ों ने इस बार स्वर्ण पदक की डगर को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। आंकड़ों के लिहाज़ से इस बार पश्चिम बंगाल की टीम प्रबल दावेदार के रूप में उभरी है। कुल 600 अंकों के साथ रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज बंगाल की टीम आदित्य दास, ऋषभ चट्टोपाध्याय, हिमोन कुमार मंडल और रुद्रनील जाना जैसे संतुलित धुरंधरों से लैस है। गत विजेता पीएसपीबी अकादमी की टीम इस बार तुलनात्मक रूप से उतनी मजबूत नहीं दिख रही, जिससे बंगाल पर उम्मीदों का भारी दबाव है। हालांकि, तमिलनाडु (390 अंक) और महाराष्ट्र (315 अंक) की टीमें बंगाल के विजय रथ को थामने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। तमिलनाडु जहाँ जे.एन. संजय अरविंद और अक्षय भूषण के आपसी तालमेल पर भरोसा कर रहा है, वहीं महाराष्ट्र की उम्मीदें प्रतीक तुलसानी और निलय पट्टेकर के आक्रामक प्रहारों पर टिकी हैं। इस चैंपियनशिप में खिलाड़ियों की भागीदारी का पैमाना इस बार ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गया है। सिंगल्स कैटेगरी की प्रविष्टियाँ खेल के प्रति युवाओं के बढ़ते आकर्षण की पुष्टि करती हैं, जिसमें यूथ बॉयज़ अंडर-15 वर्ग में 384, अंडर-13 में 331 और अंडर-11 वर्ग में 165 खिलाड़ी अपना कौशल दिखाएंगे। व्यक्तिगत स्पर्धाओं के साथ-साथ दो डबल्स इवेंट्स की मौजूदगी इस टूर्नामेंट को खिलाड़ियों की शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक धैर्य की कड़ी परीक्षा बनाने वाली है। मेज़बान गुजरात की टीम इस बार ‘डार्क हॉर्स’ (छुपा रुस्तम) बनकर चौंका सकती है। भले ही वर्तमान रैंकिंग में टीम 182 अंकों के साथ चौथे स्थान पर हो, लेकिन विवान दवे, देव भट्ट, द्विज भलोडिया और आरवा सिंघवी जैसे खिलाड़ियों की प्रतिभा स्थानीय प्रशंसकों में नई उम्मीदें जगा रही है। विवान के पास पिछले संस्करण में स्वर्ण पदक जीतने का बहुमूल्य अनुभव है, जो टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला सकता है। पूरे 13 साल बाद कच्छ में लौट रही इस प्रतियोगिता में गुजरात की टीम घरेलू दर्शकों के अटूट समर्थन और गर्म मौसम की परिस्थितियों का भरपूर लाभ उठाकर रैंकिंग के विपरीत परिणाम देने की पूरी कोशिश करेगी। प्रतियोगिता के प्रारूप के अनुसार, सभी 32 टीमों को आठ समूहों में विभाजित किया गया है, जहाँ सीडिंग का निर्धारण खिलाड़ियों के राष्ट्रीय रैंकिंग अंकों के आधार पर किया गया है। भीषण गर्मी की चुनौती को देखते हुए आयोजकों ने खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए विशेष हाइड्रेशन ज़ोन और खान-पान के पुख्ता प्रबंध किए हैं। टूर्नामेंट का सफल संचालन मुख्य रेफरी मंगेश मोपकर और प्रतियोगिता प्रबंधक एन. गणेशन की देखरेख में 60 अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के अंपायरों की टीम करेगी। पूरे आयोजन में स्टैग ग्लोबल के विश्व स्तरीय टेबल व बॉल्स का उपयोग किया जा रहा है, जो खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों का अनुभव प्रदान करेगा। प्रकाश/22 मार्च 2026