तेहरान,(ईएमएस)। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अक्सर चर्चा में रहने वाला होर्मुज स्ट्रेट न केवल वैश्विक तेल आपूर्ति का जरुरी समुद्री मार्ग है, बल्कि इसके पास मौजूद होर्मुज आइलैंड अपनी अनोखी प्राकृतिक विशेषताओं के कारण भी दुनिया भर में मशहूर है। यह द्वीप अपनी रंग-बिरंगी मिट्टी और पहाड़ों के कारण ‘रेनबो आइलैंड’ के नाम से जाना जाता है। होर्मुज स्ट्रेट जहां फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला रणनीतिक समुद्री रास्ता है, वहीं होर्मुज आइलैंड एक छोटा लेकिन बेहद खास द्वीप है, जो ईरान के तट से करीब 8 से 10 किलोमीटर दूर स्थित है। इस द्वीप की सबसे बड़ी खासियत इसकी बहुरंगी मिट्टी है। यहां लाल, पीली, हरी और नारंगी रंग की मिट्टी मिलती है, जो विशेष भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण बनी है। हालांकि, इनमें से केवल एक खास लाल मिट्टी ही खाने योग्य मानी जाती है, इस स्थानीय भाषा में ‘गेलक’ कहा जाता है। लोगों के अनुसार, ‘गेलक’ मिट्टी में आयरन की प्रचुर मात्रा होती है, जिससे इसका रंग गहरा लाल होता है। इस मिट्टी को सुरक्षित रूप से खाने योग्य माना जाता है और इसका उपयोग पारंपरिक व्यंजनों में होता है। यहीं से तैयार होती है एक अनोखी डिश ‘सोराग’, जो क्षेत्र की खास पहचान है।‘सोराग’ एक प्रकार की चटनी है, जिसका स्वाद नमकीन और हल्का मछली जैसा होता है। इसका गहरा लाल रंग इस और भी आकर्षक बनाता है। इस चटनी की सबसे खास बात यह है कि इसका मुख्य घटक ‘गेलक’ मिट्टी ही होती है, जो विशिष्ट स्वाद और रंग प्रदान करती है। दुनिया भर में जहां खाने-पीने की विविधता देखने को मिलती है, वहीं होर्मुज आइलैंड की यह परंपरा लोगों को हैरान कर देती है। मिट्टी से बनी चटनी का सेवन भले ही असामान्य लगे, लेकिन यहां के लोगों के लिए यह सदियों पुरानी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। इस तरह, होर्मुज आइलैंड न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए बल्कि अपनी अनोखी खाद्य परंपराओं के कारण भी वैश्विक स्तर पर एक विशेष पहचान रखता है। आशीष/ईएमएस 23 मार्च 2026