जयराम बोले- ‘विश्वगुरु’ का दावा करने वाली सरकार कूटनीतिक नेतृत्व क्यों नहीं दिखा रही नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस ने वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच ब्रिक्स समिट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। पार्टी ने सवाल करते हुए कहा है, कि भारत इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच का उपयोग क्षेत्रीय संकट के समाधान के लिए क्यों नहीं कर रहा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत इस वर्ष नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। ऐसे में सरकार को वेस्ट एशिया संकट पर ठोस कूटनीतिक पहल करनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि खुद को ‘विश्वगुरु’ बताने वाले प्रधानमंत्री इस दिशा में सक्रियता क्यों नहीं दिखा रहे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी, डोनाल्ड ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू को नाराज नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि केवल फोन पर बातचीत से सीमित परिणाम मिलते हैं, जबकि शिखर सम्मेलन के जरिए आमने-सामने चर्चा अधिक प्रभावी हो सकती है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास होने के बावजूद वेस्ट एशिया संघर्ष पर कोई सामूहिक बयान जारी नहीं किया गया। इससे पहले भी पार्टी ने अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई पर सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए थे। गौरतलब है कि ब्रिक्स समिट 2026 की अध्यक्षता इस समय भारत के पास है। यह जिम्मेदारी 1 जनवरी को ब्राजील से भारत को मिली थी। इससे पहले 2025 में रियो डी जनेरियो में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राथमिकताओं को सामने रखा था। भारत ने ब्रिक्स मंच के लिए ह्म्युनिटी फर्स्ट, रेजिलेंस एंड इनोवेशन, सन्स्टेनबलिटी और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने जैसे प्रमुख एजेंडे तय किए हैं। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, आईएमएफ और विश्व बैंक जैसे वैश्विक संस्थानों में सुधार की मांग भी प्राथमिकताओं में शामिल है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में ब्रिक्स समिट एक अहम मंच साबित हो सकता है, लेकिन इसके लिए सक्रिय कूटनीतिक पहल और राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी होगी। हिदायत/ईएमएस 23मार्च26