राष्ट्रीय
23-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संभावित ईंधन संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता को अब विपक्ष से भी समर्थन मिलने लगा है। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री मोदी की हाल ही में हुई ईंधन आपूर्ति पर बैठक की सराहना कर आवश्यक कदम बताया। सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखकर इस तरह की तैयारियां जरूरी हैं, ताकि भारत में ईंधन की कमी और कीमतों पर असर को नियंत्रित कर सके। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में हैं और इस संकट का प्रभाव भारत पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि देश में होटल खुले होने के बावजूद एलपीजी की कमी के कारण कई खाने की चीजें उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह तीसरा सप्ताह है जब मध्य पूर्व में संघर्ष जारी है और शांति की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी की ओर से सभी मंत्रियों के साथ इस संकट पर चर्चा करना सराहनीय कदम है। वहीं विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ सकता है। इससे न केवल ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव होगा, बल्कि सप्लाई चेन भी प्रभावित हो सकती है। इस संदर्भ में मोदी सरकार की बैठक को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। विपक्षी सांसद का समर्थन यह संकेत देता है कि संकट की परिस्थितियों में राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा स्थिरता के मुद्दे राजनीतिक सीमाओं से ऊपर हैं। आशीष दुबे / 23 मार्च 2026