नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो गया। खीर सेरेमनी के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट विधानसभा में पेश कर दी है। भाजपा सरकार का यह दूसरा बजट है। खीर सेरेमनी के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद खीर बनाई और स्कूली छात्राओं, किसानों, किन्नरों, डॉक्टरों, गिग वर्कर्स आदि को खीर खिलाकर बजट सत्र की शुरुआत की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आने वाला बजट विकास की गति तेज करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवासियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित होगा। बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) ने विधानसभा सत्र का बायकॉट किया है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह अत्यंत खेदजनक है कि पिछले सत्र में जब गुरुओं की बेअदबी का गंभीर मुद्दा उठा था, तब से नेता प्रतिपक्ष सदन में नहीं आईं हैं और अब भी लगातार अनुपस्थित हैं। इस प्रकार सदन की कार्यवाही में भाग न लेना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालना, संवैधानिक संस्थाओं को हाइजैक करने जैसा है। सदन के पटल पर कई महत्वपूर्ण रिपोर्टें पेश की गई हैं, जिन पर विपक्ष को अपना पक्ष रखना चाहिए और चर्चा में भाग लेना चाहिए। विशेषकर जब दिल्ली का बजट पेश हो रहा हो, तब विपक्ष की उपस्थिति अनिवार्य और अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। संसदीय परंपराओं के विरुद्ध जाकर सदन की गरिमा के साथ उद्दंडता करना और बार-बार चेयर (आसन) की अवमानना करना अत्यंत निंदनीय है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन में कहा कि मैं विपक्ष के माननीय सदस्यों और विपक्ष के नेता द्वारा सदन के बाहर किए जा रहे प्रदर्शन की कड़ी निंदा करता हूं। सदन का बहिष्कार करना और कार्यवाही में भाग न लेना सदन की गरिमा और संसदीय मर्यादा के पूर्णतः खिलाफ है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सदन ही वह स्थान है जहां चर्चा और संवाद होना चाहिए, लेकिन विपक्ष द्वारा बजट सत्र से दूरी बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। विशेषकर इस समय, जब दिल्ली का बजट पेश किया जा रहा है, विपक्ष की भागीदारी और उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। चर्चा छोड़कर बाहर प्रदर्शन करना स्थापित संसदीय परंपराओं के विरुद्ध है। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने हाल ही में हुए पालम अग्निकांड पर दुख जताया। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए दिल्ली में सभी अग्निकांड को लेकर विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने दिल्ली फायर सर्विस को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। अजीत झा /देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/23/मार्च/2026