राष्ट्रीय
23-Mar-2026
...


हाईकोर्ट ने मामले को अपने आदेश की अवहेलना मानते हुए कड़ा रुख अपनाया प्रयागराज,(ईएमएस)। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बरेली के एक घर के अंदर सामूहिक नमाज पढ़ने के मामले में अहम सुनवाई होना है। इस मामले में बरेली के डीएम और एसएसपी को सोमवार को कोर्ट में पेश होना है। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने साफ तौर पर दोनों अधिकारियों को उपस्थित होने का आदेश दिया था। कोर्ट ने चेतावनी भी दी है कि अगर सोमवार को वे पेश नहीं हुए, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। दरअसल, यह मामला याचिकाकर्ता तारिक खान की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनके घर में सामूहिक नमाज़ पढ़ने के दौरान पुलिस ने रोकटोक की और बाद में नमाज अदा कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया। याचिकाकर्ता तारिक खान का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गैरकानूनी और असंवैधानिक थी। हाईकोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि किसी भी निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासनिक अनुमति की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद याची और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने पूरे प्रकरण को अपने आदेश की अवहेलना मानते हुए पुलिस के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों को कोर्ट के आदेश का पालन करना जरुरी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में बरेली के डीएम और एसएसपी को सोमवार को अदालत में पेश होने को कहा था। यदि आज दोनों अधिकारी कोर्ट में नहीं पेश होते हैं, तो कोर्ट उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी कर सकता है। बता दें बरेली में जुमे के दिन एक निजी मकान में मुस्लिम समुदाय के लोग इक्ट्ठा होकर नमाज अदा कर रहे थे। एक हिंदू संगठन ने इसकी शिकायत पुलिस में कर दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर नमाजियों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि किसी निजी जगह पर एकत्र होकर नमाज पढ़ने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा सकती है। सिराज/ईएमएस 23मार्च26 -------------------------------