राष्ट्रीय
23-Mar-2026
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-केंद्र सरकार पहले ही रद्द कर चुकी है एनएसए के तहत हिरासत आदेश, कोर्ट बोला—मामले में कुछ शेष नहीं नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। यह याचिका उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो द्वारा दायर की गई थी। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही 14 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत वांगचुक की हिरासत का आदेश रद्द कर चुकी है। ऐसे में इस मामले में अब सुनवाई के लिए कुछ भी शेष नहीं रह जाता। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब वांगचुक की हिरासत को लेकर स्वास्थ्य और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा था कि क्या वांगचुक की सेहत को ध्यान में रखते हुए उनकी हिरासत पर पुनर्विचार किया जा सकता है। इस पर केंद्र सरकार ने अदालत को सूचित किया था कि उसने 14 मार्च को ही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी हिरासत आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। सरकार के इस फैसले के बाद याचिका का औचित्य समाप्त हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि चूंकि हिरासत पहले ही समाप्त की जा चुकी है, इसलिए अब इस याचिका पर आगे विचार करने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट का यह फैसला ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की सीमाओं को भी रेखांकित करता है, जहां विवाद का मूल कारण पहले ही समाप्त हो चुका हो। हिदायत/ईएमएस 23मार्च26