23-Mar-2026
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:: कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में यूपीएससी-2025 में चयनित प्रदेश की 61 प्रतिभाओं का सम्मान; मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम पुस्तिका का हुआ लोकार्पण :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा की सफलता में मध्यप्रदेश की बढ़ती उपस्थिति हम सबके लिए गौरव का विषय है। प्रदेश की माटी से 61 चयन बदलते मध्यप्रदेश की तस्वीर पेश करते हैं। यूपीएससी-2025 में चयनित अभ्यर्थियों से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार भोपाल में संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये युवा वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के शिल्पकार हैं। जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मना रहा होगा, तब ये अभ्यर्थी प्रशासन के शिखर पर होंगे और इनका एक-एक निर्णय विकसित मध्यप्रदेश की नींव रखेगा। मुख्यमंत्री ने सफल उम्मीदवारों को ट्रॉफी भेंट कर सम्मानित किया और चयनित अभ्यर्थियों पर केंद्रित मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम पुस्तिका के डिजिटल वर्जन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर अभ्यर्थियों के संघर्ष और सफलता पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मोहन यादव ने शहीद दिवस का स्मरण करते हुए कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू ने हमें स्वराज्य दिया था और अब सुराज की स्थापना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने अभ्यर्थियों को नसीहत दी कि केवल अच्छी रैंक लाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि फील्ड पर संवेदनशीलता और परिश्रम के साथ व्यवस्थाओं को लागू करना असली परीक्षा है। मुख्यमंत्री ने 173वीं रैंक प्राप्त पूर्णतः दृष्टिहीन अक्षत बल्दवा की विशेष सराहना करते हुए कहा कि स्पष्ट लक्ष्य के आगे शारीरिक अक्षमता बाधा नहीं बन सकती। उन्होंने चयनित युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने सेवाकाल में अंत्योदय, नवाचार और सत्य निष्ठा को प्राथमिकता दें। लोकतंत्र की खूबसूरती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास के आधार पर ही व्यक्ति सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है, इसलिए जनता की सेवा ही सर्वोपरि होनी चाहिए। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने जानकारी दी कि इस वर्ष देशभर से चयनित 958 अभ्यर्थियों में मध्यप्रदेश के 61 प्रतिभागी शामिल हैं। विशेष बात यह है कि इनमें से 22 अभ्यर्थी शासकीय स्कूल-कॉलेजों से पढ़े हैं और सोहागपुर व सिरोंज जैसे छोटे शहरों से ताल्लुक रखते हैं। यह इस धारणा को तोड़ता है कि सिविल सेवा के लिए केवल बड़े शहरों या महंगे संस्थानों की आवश्यकता है। कार्यक्रम में अखिल भारतीय स्तर पर 5वीं रैंक प्राप्त ईशान भटनागर और 260वीं रैंक प्राप्त प्राची चौहान ने भी अपने अनुभव साझा किए। प्राची चौहान ने कहा कि एक किसान की बेटी का इस मुकाम तक पहुँचना बदलते मध्यप्रदेश का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से जीवन पर्यंत सीखने की ललक बनाए रखने की अपील की ताकि वे देश के नवनिर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें। प्रकाश/23 मार्च 2026