राज्य
23-Mar-2026


:: अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को मिलेगा 30% आवंटन; जमाखोरी रोकने के लिए पिछले 3 महीने की खपत बनेगा आधार :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सुचारु वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला कलेक्टर्स को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान खपत और आवश्यक सेवाओं की उपयोगिता को देखते हुए विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर आवंटन का क्रम निर्धारित किया है। नई व्यवस्था के तहत शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को उनकी कुल आवश्यकता का 30 प्रतिशत आवंटन प्राप्त होगा। वहीं, एयरपोर्ट, रेलवे, दीनदयाल रसोई और ऐसी संस्थाएं जहाँ वृद्ध, महिला या बच्चे निवासरत हैं (जैसे जेल, सामाजिक न्याय एवं महिला बाल विकास विभाग के संस्थान), उन्हें 35 प्रतिशत आवंटन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त होटलों के लिए 9 प्रतिशत, रेस्टॉरेंट एवं केटर्स के लिए 9 प्रतिशत, ढाबों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए 7 प्रतिशत तथा फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग व सीड प्रोसेसिंग जैसे उद्योगों के लिए 5 प्रतिशत आवंटन तय किया गया है। शेष 5 प्रतिशत का आवंटन अन्य उद्योगों और विशेष प्रकरणों के लिए सुरक्षित रखा गया है। वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने सख्त निगरानी तंत्र विकसित किया है। प्रत्येक उपभोक्ता को दी जाने वाली दैनिक मात्रा का निर्धारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) के सॉफ्टवेयर में दर्ज पिछले तीन महीनों की औसत दैनिक खपत के आधार पर किया जाएगा। ओएमसी अपने सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग अनुरोध स्वीकार करेंगी और रिफिल अनुरोधों का तिथिवार रिकॉर्ड संधारण करेंगी। लंबित आवश्यकताओं को उपलब्धता के आधार पर अगले ही दिन पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे। यह आपूर्ति 5 किलोग्राम से लेकर 425 किलोग्राम तक के विभिन्न पैक्ड सिलेंडरों में की जाएगी। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे सिलेंडरों के डायवर्जन, अवैध भंडारण, कम तौल और कालाबाजारी को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें। शासन ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए हैं। जिन क्षेत्रों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रणाली उपलब्ध है, वहां वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, हालांकि आवेदन की स्थिति में उन्हें गैस सिलेंडर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से खाना पकाने की वैकल्पिक प्रणालियों को अपनाने का सुझाव दिया गया है। विभाग द्वारा जारी यह नई वितरण प्रणाली आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से लागू रहेगी, जिससे आवश्यक सेवाओं और उद्योगों को उनकी प्राथमिकता के अनुसार ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रकाश/23 मार्च 2026