अंतर्राष्ट्रीय
24-Mar-2026
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इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तान की विदेश नीति पर हालिया रिपोर्ट ने सवाल उठाए गए हैं। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच ‘स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट’ जैसे रक्षा समझौते मौजूद हैं। इसके बावजूद सऊदी अरब में ईरानी हमलों पर इस्लामाबाद की प्रतिक्रिया नहीं आई है। एक अखबार में छपे लेख में लिखा है कि दशकों से सऊदी अरब की ओर से वित्तीय और रणनीतिक समर्थन मिलने के बावजूद पाकिस्तान ईरान को ‘खुश करने’ की नीति अपनाए हुए है। लेख में कहा गया है कि यह ध्यान देने योग्य है कि सऊदी अरब और पाकिस्तान के संबंध सात दशकों से भी ज्यादा पुराने हैं। सऊदी सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों की तैनाती सालों से एक संस्थागत व्यवस्था के रूप में स्थापित रही है। इसके अलावा, सऊदी अरब में लाखों पाकिस्तानी नागरिक काम कर रहे हैं, जो इस्लामाबाद की विदेशी मुद्रा आय में अहम योगदान देते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान से बार-बार हमलों का सामना करने के बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने चेतावनी दी है कि ईरानी आक्रामकता के सामने किंगडम का संयम ‘असीमित नहीं है’, जिसका अर्थ है कि सैन्य कार्रवाई अभी भी एक विकल्प हो सकता है। इस बीच अरब और इस्लामिक देशों ने एक संयुक्त बयान में तेहरान से अपनी आक्रामकता रोकने का आग्रह किया है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने 7 मार्च को सार्वजनिक रूप से पश्चिम एशिया के देशों के खिलाफ हुई आक्रामक कार्रवाइयों के लिए माफी मांगी। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले जारी रखे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि तेहरान का उद्देश्य न केवल इजराइल को नुकसान पहुंचाना है, बल्कि पश्चिम एशिया के देशों की अर्थव्यवस्थाओं को भी उनके अहम अवसंरचना को निशाना बनाकर प्रभावित करना है। युद्ध में सबसे ज्यादा प्रभावित खाड़ी देशों में सऊदी अरब, यूएई और कतर शामिल हैं, जबकि दोहा ने कथित तौर पर हमास, हिज़्बुल्लाह और हूती जैसे ईरानी प्रॉक्सी समूहों का समर्थन करने में धन खर्च किया है, जिसका उद्देश्य इजराइल पर लगातार दबाव बनाए रखना बताया है। इस बीच, यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री सुल्तान अल जाबेर ने चेतावनी दी है कि ऊर्जा अवसंरचना पर हमले उनके संचालन को प्रभावित कर रहे हैं और तनाव बढ़ने पर इसके गंभीर प्रभाव हो सकते हैं1 ईरान के बढ़ते हमलों के बीच कतर के विदेश मंत्रालय ने कई ईरानी राजनयिकों को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक यूएई में बड़ी संख्या में ईरानी नागरिक, जिनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और बासिज के सीक्रेट मेंबर्स शामिल हैं, सरकार के खिलाफ अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेख में यह भी कहा गया है कि ईरानी ऑपरेटिव्स यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब में पाकिस्तानी नागरिकों को भर्ती कर इन देशों और उनके नेतृत्व के खिलाफ ऑनलाइन प्रोपेगेंडा अभियान चलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे पहले, तुर्की की पत्रकार ने एक खोजी रिपोर्ट में बताया था कि पाकिस्तान-आधारित नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई-आधारित ईरानी प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं। सिराज/ईएमएस 24 मार्च 2026