-सिर्फ चार सालों में अमेरिका के लिए स्मार्टफोन बनाने वाला सबसे बड़ा देश वॉशिंगटन,(ईएमएस)। भारत की फोन निर्माण के क्षेत्र में तरक्की के लिए अमेरिकन जानकार फरीद जकारिया ने खूब तारीफ की है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक माना जाता था कि स्मार्टफोन के क्षेत्र में भारत वह शानदार काम नहीं कर सकेगा, जो चीन कर रहा है। लेकिन भारत ने इस धारणा को गलत साबित कर चीन को पीछे छोड़ दिया है। जकारिया ने कहा कि चीन जैसा तेज रफ्तार विकास ना कर पाने के बावजूद भारत से बहुत कुछ सीखा जा सकता है। जकारिया ने कहा, भारत ने सिर्फ चार सालों में अमेरिका के लिए स्मार्टफोन बनाने वाले सबसे बड़े देश के तौर पर चीन का स्थान लिया है। अब आपकी जेब में भारत में नया आईफोन है। भारत में जिस तरह की हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है। उसके बारे में पहले लोग कहते थे कि यह सिर्फ चीन में मुमकिन है। भारतीयों ने दिखाया कि वह कितना शानदार काम कर सकते हैं। भारतीय मूल के अमेरिकी फरीद जकारिया जाने-माने पत्रकार, राजनीतिक टिप्पणीकार और लेखक हैं। जकारिया ने माना है चीन ने बीते दो-तीन दशकों में काफी ज्यादा तरक्की की है। इसके बावजूद वह मानते हैं कि भारत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। फरीद के मुताबिक, भारत कभी चीन की तरह आगे नहीं बढ़ा है। इस सच्चाई के बावजूद विकासशील अर्थव्यवस्था वाला कोई देश चीन के मुकाबले भारत से ज्यादा सीख सकता है। भारत पिछले 25 सालों से दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था है। रिपोर्ट में बताया कि अमेरिका में भेजे जाने वाले स्मार्टफोन में से 44 प्रतिशत भारत में बने थे, जबकि एक साल पहले यानी 2024 में ये आंकड़ा सिर्फ 13 प्रतिशत था। चीन की हिस्सेदारी अमेरिका में 2024 में 61 फीसदी थी, जो 2025 में घटकर 25 प्रतिशत रह गई। पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारत ने अमेरिका को स्मार्टफोन एक्सपोर्ट करने के मामले में चीन को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल किया है। इसकी एक अहम वजह एपल का टैरिफ (शुल्क) के चलते अपनी मैन्युफैक्चरिंग को चीन से हटाकर भारत शिफ्ट करना है। बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति ने दुनियाभर में काफी ज्यादा हलचल मचाई थी। आशीष/ईएमएस 24 मार्च 2026