नई दिल्ली (ईएमएस)। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि पश्चिम बंगाल को छोड़कर अन्य राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया सुचारु और शांतिपूर्ण रही है। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी कहा कि अन्य राज्यों से एसआईआर को लेकर बहुत ज्यादा मुकदमेबाजी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ राज्यों में जटिलताएं रही हों, लेकिन कुल मिलाकर प्रक्रिया बिना बड़े विवाद के आगे बढ़ी है। सीजेआई ने कहा कि पश्चिम बंगाल को छोड़कर जिन‑जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया हुई है, वहां यह सामान्य रूप से शांतिपूर्ण रही है। अन्य राज्यों में भी कुछ जटिलताएं हो सकती हैं, लेकिन बड़े स्तर पर मुकदमेबाजी नहीं हुई। इस पर पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी का सिद्धांत केवल पश्चिम बंगाल पर ही लागू किया जा रहा है, जबकि अन्य राज्यों में ऐसा नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता और एआईटीसी नेता मेनका गुरुस्वामी ने अदालत से अनुरोध किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए मतदाता सूची फ्रीज करने की तारीख बढ़ाने पर विचार किया जाए, ताकि जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उनके दावों पर फैसला किया जा सके। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस अनुरोध पर विचार करेगा। अदालत ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम इस पर विचार करेंगे। फिलहाल चीजें ठीक चल रही हैं। इससे पहले 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था, जिसमें चुनाव आयोग पर एसआईआर के तहत दस्तावेज़ों के सत्यापन में लगे न्यायिक अधिकारियों को निर्देश जारी करने का आरोप लगाया गया था। सुबोध/२४-०३-२०२६