बोगोटा (ईएमएस)। दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया के आसमान से सोमवार को मौत की ऐसी चीख सुनाई दी, जिसने सात समंदर पार भारत के अहमदाबाद में पिछले साल हुई विमान त्रासदी की डरावनी यादें ताजा कर दीं। इस भीषण दुर्घटना में विमान में सवार 125 लोगों में से 66 सैन्य कर्मियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अन्य की हालत नाजुक बनी हुई है। यह हादसा रोंगटे खड़े कर देने वाला इसलिए भी है क्योंकि हादसा ठीक वैसा ही नजर आ रहा है जैसा पिछले साल अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान के साथ हुआ था। कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज़ ने पुष्टि की कि प्यूर्टो लेगुइज़ामो में यह विमान उड़ान भरते समय पर्याप्त ऊंचाई हासिल नहीं कर सका और देखते ही देखते आग के गोले में तब्दील हो गया। विमानन विशेषज्ञों के लिए यह महज एक संयोग नहीं, बल्कि एक डरावना डेजा वू है। अहमदाबाद में भी रनवे छोड़ते ही विमान अचानक नीचे की ओर झुक गया था और पायलट को संभलने का एक पल भी नहीं मिला था। कोलंबियाई वायुसेना के कमांडर कार्लोस फर्नांडो सिल्वा के मुताबिक, विमान में 110 सैनिकों समेत कुल 125 लोग सवार थे। शुरुआती जांच में जो समानताएं निकलकर सामने आई हैं, वे चौंकाने वाली हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों ही मामलों में सिस्टमिक फेलियर की बू आ रही है। टेक-ऑफ के दौरान इंजन की शक्ति में अचानक आई कमी या वजन के असंतुलन ने विमान को हवा में टिकने ही नहीं दिया। ठीक अहमदाबाद की तरह, यहाँ भी सी-130 हरक्यूलिस ने रनवे तो छोड़ दिया लेकिन वह गुरुत्वाकर्षण को मात देकर ऊपर नहीं उठ सका। घटनास्थल से आ रही तस्वीरों में मलबे से उठता काला धुआं और चारों ओर फैली तबाही उस मंजर को बयां कर रही है जिसे शब्दों में पिरोना मुश्किल है। हालांकि, राहत की बात यह है कि सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए 48 लोगों को मलबे से जिंदा सुरक्षित निकाल लिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें विमान के ब्लैक बॉक्स पर टिकी हैं, जो यह राज उगलेगा कि क्या यह हादसा किसी तकनीकी खराबी का नतीजा था या फिर वही पुरानी मानवीय चूक, जिसने अहमदाबाद के बाद अब कोलंबिया की गोद सूनी कर दी। सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन इस खूनी समानता ने विमानन सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ब्लैक बॉक्स पर टिकीं है नजरें हालांकि, विमान हादसों में मानवीय त्रुटि को भी पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। पायलट द्वारा टेकऑफ स्पीड का गलत आकलन, रनवे की स्थिति को ठीक से न समझ पाना या मौसम की परिस्थितियों का सही अंदाजा न लगाना भी दुर्घटना की वजह बन सकता है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष तभी सामने आएगा जब जांच एजेंसियां पूरी रिपोर्ट जारी करेंगी। अब कोलंबिया में हुए इस प्लेन क्रैश की असली वजह जानने के लिए जांच एजेंसियों की नजर ब्लैक बॉक्स पर टिकी है। ब्लैक बॉक्स में रिकॉर्ड डेटा से यह पता चलता है कि हादसे से पहले विमान के अंदर क्या हो रहा था, पायलट ने क्या बातचीत की और सिस्टम किस तरह काम कर रहे थे। यही डेटा इस पूरे रहस्य से पर्दा उठाने में सबसे अहम भूमिका निभाएगा। वीरेंद्र/ईएमएस 25 मार्च 2026