झाँसी (ईएमएस ) रेलवे सुरक्षा में सिविल पुलिस की तैनाती से अब हर ट्रेन को मिलेगा सुरक्षा कवच।जीआरपी फोर्स हमेशा से ही जीआरपी कर्मियों की कम संख्या से जूझता रहा है।जीआरपी में लगभग 28 वर्ष से किसी भी तरह की फोर्स में बढ़ोतरी नहीं हो पाई है। जीआरपी की कोई भी ऐसी शाखा नहीं है जिसमें फोर्स की कमी ना हो। वर्तमान में जीआरपी को अपनी सीमित कर्मियों की संख्या के साथ ही ट्रेन और यात्रियों की सुरक्षा करनी पड़ रही है। ट्रेन और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए इतने कम कर्मियों के साथ ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा करना काफी मुश्किल होता जा रहा है। किसी भी बड़े त्यौहार एवं महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान ट्रेन और यात्रियों की संख्या बढ़ने से इतने कम कर्मियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं सब को देखते हुए और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अब सिविल के जिलों से भी पुलिसकर्मी 1 वर्ष की विशेष ड्यूटी के लिए जीआरपी जाएंगे।डीजीपी के नए निर्देश के बाद इसका पालन करने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है।झांसी जिले से 451 उप निरीक्षक समेत 468 पुलिस कर्मियों का फोर्स जीआरपी जाएगा। इसमें इंस्पेक्टर उप निरीक्षक कांस्टेबल से लेकर महिला सिपाही की सूची तैयार कराई जा रही है यह पुलिसकर्मी ट्रेन ड्यूटी के साथ ही प्लेटफार्म की सुरक्षा भी करेंगे। इस तरह से जीआरपी को अतिरिक्त फोर्स मिल जाने से यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।सिविल से जीआरपी आने वाले पुलिस कर्मियों को संबंधित जिले से ही वेतन मिलेगा। विशेष बात यह है कि बाद में उनका कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है। वर्तमान में जीआरपी में 3 वर्ष के लिए नागरिक पुलिस के कर्मियों की तैनाती की प्रचलित व्यवस्था से यह अलग होगा। झांसी स्टेशन से रोजाना 150 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। लेकिन जीआरपी का स्क्वाड अभी लगभग 100 ट्रेनों में ही चल रहा है।इनमें कुछ प्रतिदिन चलने वाली ट्रेन तो कुछ साप्ताहिक है। यही कारण है कि स्क्वायड की ड्यूटी लगाने की संख्या में उतार-चढ़ाव होता रहता है। कई ट्रेन ऐसी भी है जो बिना स्क्वाड के ही चल रही है। सिविल से फोर्स मिलने के बाद अधिकांश पुलिसकर्मियों को स्पेशल ट्रेन में स्क्वाड ड्यूटी कराने की तैयारी है। इस बारे में विपुल कुमार श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक जीआरपी का कहना है कि डीजीपी की स्वीकृति के बाद जल्दी ही यह फोर्स जीआरपी को मिल जाएगा। इस फोर्स के आने से पहले ट्रेन ड्यूटी लगाने के लिए अलग से सूची तैयार कराई जा रही है। मेला समेत अन्य स्पेशल ट्रेन की भी अलग से ड्यूटी लगेगी। शरद शिवहरे /ईएमएस /25मार्च