अंतर्राष्ट्रीय
25-Mar-2026
...


यरूशलेम(ईएमएस)। मध्य पूर्व में जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायल ने एक रणनीतिक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दक्षिणी लेबनान की लितानी नदी तक के पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण करने का एलान कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक इजरायल के इस कदम की तुलना रूस-यूक्रेन युद्ध से कर रहे हैं, जहाँ रूस ने डोनबास और क्रीमिया जैसे इलाकों पर कब्जा कर अपनी भौगोलिक सीमाएं बदल दी थीं। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनकी सेना अब लितानी नदी तक के पूरे इलाके को एक सुरक्षा क्षेत्र में तब्दील करने जा रही है। इजरायली रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य हिजबुल्लाह की कमर तोड़ना और उसकी हथियार आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इसके तहत इजरायली सेना ने लितानी नदी पर बने उन सभी पांच प्रमुख पुलों को बमबारी कर उड़ा दिया है, जिनका उपयोग हिजबुल्लाह सैन्य परिवहन के लिए करता था। रक्षा मंत्री ने सैन्य कमांड सेंटर के दौरे के दौरान कहा कि अब इन रास्तों और लितानी तक के पूरे क्षेत्र का नियंत्रण इजरायली सेना के हाथों में रहेगा। इजरायल ने साफ कर दिया है कि जब तक उसके उत्तरी क्षेत्रों के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक विस्थापित लेबनानी नागरिकों को उनके घरों में लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। युद्ध अब अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और तबाही का मंजर बेरूत से लेकर बेका घाटी तक फैल गया है। इजरायली वायुसेना ने अल-अमाना फ्यूल कंपनी के गैस स्टेशनों को भी निशाना बनाया है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि इसका उपयोग हिजबुल्लाह को फंडिंग देने के लिए किया जा रहा था। दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती गांवों में भीषण गोलीबारी और जमीनी संघर्ष की खबरें निरंतर आ रही हैं। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह ने भी जवाबी हमले जारी रखे हैं और उत्तरी इजरायल में मौजूद सैन्य ठिकानों पर रॉकेट दागने का दावा किया है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही संभावित शांति वार्ताओं के बीच इजरायल का यह बड़ा सैन्य फैसला पूरे क्षेत्र की भू-राजनीति को बदलने वाला साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम को लेकर चिंतित है, क्योंकि सीमाएं बदलने की यह कोशिश इस युद्ध को और अधिक लंबा और विनाशकारी बना सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस/25मार्च2026