अंतर्राष्ट्रीय
25-Mar-2026
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वॉशिंगटन(ईएमएस)। मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी संघर्ष के और अधिक उग्र होने की आशंकाओं के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य उपस्थिति को व्यापक रूप से बढ़ाने का निर्णय लिया है। पेंटागन द्वारा अमेरिकी सेना की प्रतिष्ठित 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के लगभग 3,000 सैनिकों को क्षेत्र में तैनात करने की तैयारी की जा रही है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब युद्ध अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्र में पहले से ही हजारों अमेरिकी मरीन सैनिक मौजूद हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हालांकि अभी तक ईरान की सीमाओं के भीतर प्रवेश करने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन सैनिकों का यह जमावड़ा संघर्ष के विस्तार का स्पष्ट संकेत है। 82वीं एयरबोर्न डिवीजन अमेरिकी सेना की एक ऐसी त्वरित-प्रतिक्रिया इकाई है जो विश्व में कहीं भी मात्र 18 घंटों के भीतर तैनात होने की क्षमता रखती है। सैन्य योजनाकारों का मानना है कि इन पैराट्रूपर्स का उपयोग रणनीतिक तेल मार्गों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए किया जा सकता है। वर्तमान संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिकी और इज़राइली बलों द्वारा ईरानी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों से हुई थी। इसके बाद से ही यह विवाद मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ एक व्यापक क्षेत्रीय टकराव में बदल गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के अंत से अब तक ईरान के भीतर 9,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है। तनाव का मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जहाँ से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। इस जलमार्ग पर बढ़ते खतरे ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल ला दिया है, जिसका सीधा असर भारत जैसे उन देशों पर पड़ रहा है जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं। एक ओर जहाँ सैन्य घेराबंदी तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक हलकों में विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ बातचीत कर रहा है और ईरान समझौता करना चाहता है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें फेक न्यूज करार दिया है। फिलहाल मध्य पूर्व में अमेरिका के करीब 50,000 सैनिक तैनात हैं, और नई तैनाती यह दर्शाती है कि आने वाले दिनों में कूटनीति और सैन्य शक्ति के बीच का यह संतुलन किसी भी ओर झुक सकता है। वीरेंद्र/ईएमएस/25मार्च2026 --------------------------------