- सिम्स मेडिकल कॉलेज में भरा फार्म - सिम्स मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को मृत्यु के बाद सौंपी जाएगी देह बिलासपुर (ईएमएस)। सीपत स्थित वनांचल ग्राम सोंठी के बगलामुखी मां मन्नादाई मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित सार्वजनिक देवी भागवत कथा के दौरान एक प्रेरणादायक पहल सामने आई। मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं जेवरा हाई स्कूल के प्राचार्य रामेश्वर जायसवाल ने अपने जन्मदिन के मौके पर देहदान का संकल्प लिया। राष्ट्रीय कथावाचिका हेमलता शर्मा की संगीतमयी कथा के बीच प्राचार्य जायसवाल ने अपनी पत्नी उषा जायसवाल और परिवारजनों की उपस्थिति में देहदान का संकल्प फॉर्म भरकर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी पत्नी को मृत्यु के बाद अपने शरीर को सिम्स मेडिकल कॉलेज, बिलासपुर को सौंपने की जिम्मेदारी भी सौंपी है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्पद कदम बताया। समाज में अंगदान व देहदान के प्रति जागरूकता फैलाना उद्देश्य प्राचार्य जायसवाल ने कहा कि उन्होंने जीवनभर शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को शिक्षा दी है और अब मृत्यु के बाद भी उनका शरीर मेडिकल छात्रों के अध्ययन में सहायक बनेगा। उन्होंने कहा, जितेजी मैं शिक्षक रहा, मृत्यु के बाद भी मेरा शरीर डॉक्टरी पढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य समाज में अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि जरूरतमंदों को आंख, किडनी, लीवर जैसे अंग मिल सकें और कई जिंदगियां बचाई जा सकें। मनोज राज 25 मार्च 2026