लखनऊ (ईएमएस)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर तेल कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में एलपीजी वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। केवाईसी (नो योर कस्टमर) सत्यापन प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसके चलते लखनऊ में 1.10 लाख से अधिक और पूरे प्रदेश में करीब 20 लाख एलपीजी कनेक्शन अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिए गए हैं। प्रदेश में कुल लगभग 4.87 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। गैस कंपनियों के अधिकारी ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रहे हैं, जिन्होंने नौ महीने या उससे अधिक समय से सिलेंडर बुक नहीं कराया। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन ले लिया है या पता बदल लिया है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सब्सिडी और गैस की आपूर्ति वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे। तेल कंपनियों ने ऐसे उपभोक्ताओं को चिन्हित कर उनका कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। अब कनेक्शन को पुनः सक्रिय करने के लिए केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के चलते लखनऊ की गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ गई है, जहां बड़ी संख्या में लोग अपने दस्तावेज अपडेट कराने पहुंच रहे हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि सब्सिडी और गैस आपूर्ति सही उपभोक्ताओं तक पहुंचे। केवाईसी पूरा होते ही कनेक्शन तुरंत सक्रिय किए जा रहे हैं। ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन, यूपी चौप्टर के अध्यक्ष जगदीश राज ने माना कि इस प्रक्रिया ने संचार और सिस्टम में कुछ खामियों को भी उजागर किया है। जितेन्द्र 25 मार्च 2026