नैनपुर (ईएमएस)। कहने को तो हम अपना जन प्रतिनिधि इसलिए चुनते हैं कि वह हमारे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए योजनाएं लाकर उनका क्रियान्वयन कर समस्त क्षेत्र की जनता को उद्योग रोजगार शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जोड़े, और इसी आशाओं के साथ लोकतंत्र के उत्सव में मतदाता से राजनीतिक पार्टियों मत लिया करती हैं प्रत्याशी प्रतिनिधि जनता की पसंद का हो या ना हो पार्टी का चेहरा देखकर मतदाता मतदान करता है और अपने जनप्रतिनिधि को चुनता है, पर इसे नैनपुर क्षेत्र का दुर्भाग्य कहेंगे कि हमने लोकसभा में जिस भी जनप्रतिनिधि के ऊपर विश्वास जताया है उनने नैनपुर क्षेत्र के साथ विश्वास घात ही किया है! नैनपुर रेलवे का नेरोगेज में एशिया का सबसे बड़ा जंक्शन था और अंग्रेजों ने इसे बड़ी व्यवस्था के साथ सजाया बसाया था,नैनपुर में रेलवे का डीआरएम कार्यालय हुआ करता था जहां पर सैकड़ो कर्मचारी कार्य करते थे और उनके परिवार नैनपुर में रहता था नैनपुर जंक्शन के मामले में चारों दिशाओं से रेलवे की कनेक्टिविटी को बढ़ता है नैनपुर से गोंदिया रायपुर की ओर छिंदवाड़ा नागपुर की ओर जबलपुर बनारस की ओर एवं मंडला की ओर यात्रा की जा सकती है ऐसे चारों दिशाओं में नैनपुर से अंग्रेजों ने ट्रेन चलाया था! आजादी की बाद अंग्रेज हमें हमारी विरासत दे कर चले गए पर हमारे अपनों ने हमें शनै: शनै:लूटने का काम किया, पहले हमसे हमारा रेलवे का डीआरएम ऑफिस छिना गया उसके बाद धीरे-धीरे रेलवे के कार्यालय को नागपुर एवं डोंगरगढ़ में स्थानांतरित कांग्रेस की सरकार करती रही परंतु बड़ी उम्मीद के साथ नगर वासियों ने क्षेत्र विकास के लिए भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा और यहां से भाजपा के सांसद को विजयी बनाया, पर बात वही रही ढाक के तीन पात सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी नैनपुर रेलवे के विकास के नाम पर केवल और केवल पत्र व्यवहार किया ना तो उनका ब्रॉडगेज में कोई सक्रिय योगदान रहा ना ही दोहरीकरण में कोई सक्रिय योगदान देखा गया मुझे ज्ञात नहीं है कि उन्होंने कभी लोकसभा में नैनपुर रेलवे को लेकर डीआरएम ऑफिस को लेकर कोई प्रश्न किया हो जबकि 1984 की रेल दुर्घटना के बाद तत्कालीन रेल मंत्री गनी खान चौधरी ने घोषणा की थी कि नैनपुर में डीआरएम ऑफिस खोला जाएगा जिसे उस सरकार ने धन अभाव के कारण लंबित कर दिया परंतु इस मुद्दे को भी हमारे चहेते सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने लोकसभा में कभी उठाने का प्रयास नहीं किया! जब नैनपुर जंक्शन को ब्रॉड गेज लाइन में चारों दिशाओं से मोदी सरकार ने जोड़कर क्षेत्र वासियों को अच्छे दिन की सौगात दी तब फिर नैनपुर रेलवे जंक्शन स्टेशन में रेलवे विकास के लिए फिटलाइन वॉशिंग डिपो एवं अन्य सुविधाओं के लिए प्रस्तावित कर प्रारंभ करने की बात आई,तो उन्होंने नैनपुर के हक को मारते हुए यह सब व्यवस्थाएं मंडला फोर्ट में करने के लिए रेल मंत्री को पत्र लिख दिया जो नैनपुर क्षेत्र की जनता और क्षेत्र के विकास के लिए बहुत विश्वास घात एवं पीड़ा दायक बात साबित हो गई,जिस से क्षेत्र की जनता स्वीकार नहीं कर पा रही है और हमारे सांसद की अहमियत मतदाताओं जनता की नजर में गिर गई ! ऐसा नहीं कि हमने सांसद जी से कई और प्रोजेक्ट मंडला नैनपुर के लिए पत्राचार करने को नहीं कहा पर हर बार उन्होंने पत्र तो लिखा पर वह सारे पत्र चारा बनकर रह गए आज जबलपुर से रायपुर की ओर जा रहा फोरलाइन मार्ग सिवनी से बालाघाट होकर जा रहा है जबकि सबसे कम दूरी में कम खर्च पर लखनादौन से कहानी बैहर होते हुए रायपुर जाया जा सकता था परंतु प्रयास कौन करें लगता है लगातार सात वार के सांसद अब इस क्षेत्र को त्यागना चाहते हैं या उनका मोह भंग हो गया है यह भी हो सकता है उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया तो वह इसका बदला जनता से ले रहे हैं, खैर जो भी हो आगामी चुनाव निर्णायक साबित होगा क्षेत्र की जनता रोजगार उद्योग स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्थाएं चाहती है आदिवासियों का पलायन दूसरे प्रदेशों मै रोजगार के लिए कतई पसंद नहीं! ईएमएस /25/03/2026