क्षेत्रीय
25-Mar-2026


नर्मदापुरम/सिवनीमालवा (ईएमएस)। जिले में समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी कर लाखों रुपए मूल्य के अनाज प्राइवेट वेयर हाउसों से गायब होने और चोरी होने की गंभीर घटनाएं निरंतर बढ़ रही है। जिससे वेयर हाउस संचालक और वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के जवाबदार अधिकारी कर्मचारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। पिछले महीने ही वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन की शाखा माखन नगर अंतर्गत गोरा गांव स्थित एकलव्य वेयरहाउस में जांच के दौरान 4.22 करोड़ मूल्य की 5399 मूंग की बोरियां गायब होने का मामला सामने आ चुका है। अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ है कि अब सिवनीमालवा एसडीएम विजय राय द्वारा क्षेत्र में रवि उपार्जन केंद्र बनाने के लिए वेयरहाउस का भौतिक सत्यापन के दौरान ग्राम कोठरा के पंचमुखी प्राइवेट वेयरहाउस से लाखों रुपए मूल्य के लगभग 800 कुंटल सरकारी गेहूं गायब होने का मामला पकड़ा।बताया जाता है कि गेहूं की करीब 1600 बोरियां वेयरहाउस से गायब हो गई।इस गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और वेयरहाउस को तत्काल सील कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह गेहूं पिछले सीजन 2025_26 का रखा हुआ था, वहीं एसडीएम विजय राय ने वेयरहाउस संचालक के खिलाफ विभागीय अधिकारियों को FIR के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ सूत्रों की माने तो पंचमुखी वेयरहाउस से करीब 1600 सरकारी गेहूं की बोरियां गायब होने में 10 से 12 बड़े ट्रकों की जरूरत होगी और जिसमें लोडिंग,लेबर सहित वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी भी जांच का हिस्सा है।बिना मिलीभगत के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है। कहीं कागजों में पूरा स्टॉक दर्शाकर हेरा फेरी तो नहीं की गई है?इस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि अनाज एक बार में ही वेयर हाउस से गायब हुआ है या लंबे समय से धीरे-धीरे निकाला जाता रहा? घोटाला होने के दौरान वेयरहाउस की चाबी किसके पास थी और कैसे वेयरहाउस से सरकारी गेहूं गायब हो गया है? इस मामले में जब वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव दावंडे ने बुधवार को टीम के साथ पुनः जांच की तो उसमें वर्ष 2025_ 26 में समर्थन मूल्य पर खरीदी किए गए गेहूं के भंडारित 25,915 बोरियों में से 1841 बोरिया कम पाई गई। जिसकी कीमत लगभग 24 लाख रुपए बताई जा रही है। वहीं वेयरहाउसिंग कारपोरेशन जिला प्रबंधक वासुदेव दावंडे ने बानापुरा शाखा प्रबंधक शिवराज सिंह राजपूत से गोदाम कर छीन लिया गया है। फिलहाल पूरा मामला सुर्खियों में है, इतने बड़े गेहूं घोटाले में विभागीय मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। वास्तविक स्थिति के लिए जवाबदार अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। ईएमएस/ 25/03/2026