राष्ट्रीय
25-Mar-2026
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:: दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित वैश्विक फोरम में विशिष्ट वक्ता के रूप में हुए शामिल; 72 देशों में फैला है प्रभाव :: गांधीनगर/सियोल (ईएमएस)। भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा और हिमालयन ज्ञान की वैश्विक प्रतिष्ठा में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। हिमालयन समर्पण ध्यानयोग के संस्थापक पूज्य श्री शिवकृपानंद स्वामीजी को वर्ल्ड मेडिटेशन फाउंडेशन ने अपनी प्रतिष्ठित वर्ल्ड मेडिटेशन एक्सपर्ट कमेटी में सदस्य के रूप में नियुक्त किया है। स्वामीजी के गहन आध्यात्मिक अनुभव और मानवता के प्रति उनके अनुकरणीय योगदान को देखते हुए उन्हें यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिया गया है। इसी गौरवशाली उपलब्धि के क्रम में, स्वामीजी को दक्षिण कोरिया के सियोल स्थित जंगटो सोशल एंड कल्चरल सेंटर में आयोजित सेकंड ‘वर्ल्ड मेडिटेशन डे’ फोरम में विशिष्ट वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। 25-26 मार्च 2026 को आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वामीजी ने विश्वभर के वैज्ञानिकों, ध्यानगुरुओं और साधकों के बीच भारतीय योग पद्धति और वसुधैव कुटुंबकम के विचार को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। :: 31 वर्षों की साधना और वैश्विक प्रभाव :: पूज्य स्वामीजी ने हिमालय की कंदराओं में अनेक वर्षों की कठोर साधना से प्राप्त दिव्य ज्ञान को पिछले 31 वर्षों से जन-सामान्य तक पहुँचाया है। गांधीनगर (गुजरात) के निकट महुडी रोड स्थित उनके प्रमुख केंद्र सहित विश्व के 72 देशों में आज लाखों साधक हिमालयन समर्पण ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक और सर्वांगीण प्रगति का अनुभव कर रहे हैं। उनकी यह नियुक्ति वैश्विक स्तर पर भारत की आध्यात्मिक नेतृत्वकारी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करेगी। :: मानवता के संकटों का आध्यात्मिक समाधान :: गौरतलब है कि यूनेस्को ने 21 दिसंबर को ‘वर्ल्ड मेडिटेशन डे’ के रूप में मान्यता दी है। सियोल में आयोजित इस वर्ष के फोरम का मुख्य उद्देश्य बढ़ते मानसिक तनाव, आध्यात्मिक शून्यता और पर्यावरणीय संकटों के समाधान हेतु एक विज्ञान-समर्थित और एकीकृत मेडिटेशन इकोसिस्टम का निर्माण करना है। स्वामीजी का मार्गदर्शन इस दिशा में नीतिगत निर्णयों को प्रभावित करने और मानव कल्याण के नए मार्ग प्रशस्त करने में सहायक सिद्ध होगा। प्रकाश/25 मार्च 2026