वाशिंगटन (ईएमएस)। जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख, कभी कूटनीति, कभी ध्यान भटकाने वाले कदमों का रहा है। इस बीच कई बार उनके बयानों का असल मतलब समझना भी मुश्किल साबित हुआ है। शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का युद्ध समाप्ति की ओर है। लेकिन शनिवार रात तक उन्होंने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन दे दी कि वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दे, वरना अमेरिका के नए और तीखे हवाई हमलों का सामना करना पड़ेगा। अगले दिन, वह गोल्फ खेलने पहुंचे फ़्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में बिताया। सोमवार सुबह, जब ग्लोबल शेयर बाज़ार गिरावट से जूझ रहा था, तब उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ रचनात्मक बातचीत कर रहा है। इस बीच, ईरान के ठिकानों पर अमेरिका और इजराइल के हवाई हमले जारी हैं। ईरान भी अमेरिकी बलों और उसके मध्य-पूर्वी सहयोगियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। और होर्मुज़ स्ट्रेट पर अब भी आवाजाही बेहद सीमित है। शनिवार रात को ट्रंप की चेतावनी स्पष्ट लग रही थी कि अगर ईरान अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोलता है, तब अमेरिका उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर ईरान को अंधेरे में डुबा देगा। यह एक कड़ी चेतावनी थी। हालांकि, सोमवार सुबह तक ट्रंप ने हमले को रोक दिया, कम से कम अस्थायी तौर पर ही सही। राष्ट्रपति के अनुसार, एक अज्ञात ईरानी नेता के साथ अमेरिकी संपर्क के बाद प्रस्तावित हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया है। हालांकि ईरान ने ऐसी किसी बातचीत या संपर्क से इंकार किया है। फिर टेनेसी रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच कई अहम बिंदुओं पर सहमति है। उन्होंने कहा, वे समझौता करना चाहते हैं। हम भी समझौता करना चाहते हैं। आशीष/ईएमएस 26 मार्च 2026