अंतर्राष्ट्रीय
26-Mar-2026
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तेहरान,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध लगातार खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अमेरिकी नौसेना के दैत्याकार विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागा। ईरान का कहना है कि उसने चाबहार के निकट, अपनी तटरेखा से करीब 250–300 किलोमीटर दूर अब्राहम लिंकन की ओर क्रूज़ मिसाइलें दागीं। हालांकि अमेरिका ने इस हमले से हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है और तस्वीरें जारी कर अपने जहाज को सुरक्षित बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर यह अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर उसकी मिसाइल रेंज में आया, तो उसे निशाना बनाया जाएगा। ईरान के इस हमले से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस बीच साउथ कोरिया के किम जोन उन ने भी अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध “स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म” जैसा है। यह बयान वैश्विक स्तर पर इस संघर्ष को और राजनीतिक बना रहा है। वहीं होर्मूज को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ईरान ने कहा है कि केवल “मित्र देशों के” जहाजों को ही इस रास्ते से गुजरने दिया जाएगा। इस जलमार्ग से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, इसलिए इसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने दावा किया है कि उसके न्यूक्लियर पॉवर प्लान के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा। हालांकि इसमें किसी तरह का नुकसान या कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन यह घटना न्यूक्लियर सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा करती है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने भी सुरक्षा कारणों से कुछ ईरानी वीजा धारकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। कुल मिलाकर, हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ सैन्य हमले और चेतावनियां हैं, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बयानबाजी और वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो रही हैं। इससे साफ है कि यह संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट बनता जा रहा है। सिराज/ईएमएस 26मार्च26