ईरान युद्ध के बीच कई देशों में कीमतों में उछाल, पेट्रोल स्टेशन पर राशनिंग शुरू काठमांडू,(ईएमएस)। दुनिया की अर्थव्यवस्था पर ईरान और अमेरिका-इजराइल हमले का असर दिख रहा है। तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। कई देशों में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और पेट्रोल स्टेशन पर राशनिंग शुरू कर दी गई है। नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन (एनओसी) ने पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। मीडिया रिपोर्ट में एनओसी के हवाले से कहा गया है कि नेपाल में पेट्रोल, केरोसीन और डीजल की कीमतों में 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जो आज आधी रात से लागू हो जाएगी। पिछली बार कीमतों में बदलाव 15 मार्च को किया गया था। नए बदलाव के बाद पेट्रोल की कीमतें अब पहली कैटेगरी में 184.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी कैटेगरी में 186 रुपए और तीसरी कैटेगरी में 187 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं। इसी तरह डीजल और केरोसिन पहली श्रेणी में 164.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी श्रेणी में 166 रुपए प्रति लीटर और तीसरी श्रेणी में 167 रुपए प्रति लीटर बेचा जाएगा। एनओसी ने साफ कहा है कि घरेलू पेट्रोलियम कीमतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल की वृद्धि के साथ संरेखित करने के लिए मूल्य वृद्धि जरुरी थी। इसी तरह डीजल और केरोसिन पहली श्रेणी में 164.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी श्रेणी में 166 रुपए प्रति लीटर और तीसरी श्रेणी में 167 रुपए प्रति लीटर बेचा जाएगा। सुरखेत और डांग दूसरी कैटेगरी में आते हैं, जबकि काठमांडू, पोखरा और दीपायल तीसरी कैटेगरी में शामिल हैं। एनओसी के मुताबिक इंटरनेशनल मार्केट में हाल की बढ़ोतरी के साथ घरेलू पेट्रोलियम कीमतों को अलाइन करने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी थी। मीडिया के मुताबिक बांग्लादेश एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध से जुड़े वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए कंज्यूमर लेवल पर जेट फ्यूल की कीमतों में 80 फीसदी की भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। बांग्लादेश में डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए जेट फ्यूल की कीमत 112.41 टका से बढ़कर 202.29 टका प्रति लीटर तय की गई है। वहीं, इंटरनेशनल विमान के लिए जेट फ्यूल की कीमत 0.738 डॉलर प्रति लीटर से बढ़कर 1.3216 डॉलर प्रति लीटर होगी। अमेरिका में भी तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला। वहीं पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20-25 फीसदी तक उछाल आया। इसके अलावा, यूरोपीय देशों, खासकर जर्मनी में गैस और पेट्रोल के दाम 10-15 फीसदी तक बढ़ गए और थाईलैंड में पेट्रोल स्टेशनों पर राशनिंग शुरू कर दी गई है। पेट्रोल स्टेशन पर राशनिंग का मतलब है कि ईंधन की बिक्री पर सीमा तय करना। जब किसी देश में तेल की भारी कमी हो जाती है या कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो सरकार या पेट्रोल पंप मालिक यह नियम लागू करते हैं कि एक व्यक्ति एक बार में कितना तेल खरीद सकता है। सिराज/ईएमएस 26मार्च26 ------------------------------