बिलासपुर (ईएमएस)। विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) एक दिन के लिए जागरूकता, प्रतिस्पर्धा और शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र बन गया। जेंडर फॉर हेल्थ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य और लैंगिक समानता जैसे विषयों को व्यापक स्तर पर सामने रखा गया, जहां अकादमिक दृष्टिकोण और रचनात्मक अभिव्यक्ति का समागम देखने को मिला। कार्यक्रम के तहत क्विज, पोस्टर मेकिंग और स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। लगभग 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपनी रचनात्मकता और विषयगत समझ का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, जेंडर इक्विटी और सामाजिक जागरूकता जैसे मुद्दों को पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से अभिव्यक्त किया। हर प्रस्तुति में विषय की गंभीरता और सामाजिक संदर्भ स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया। यह आयोजन विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित जेंडर फॉर हेल्थ थीम के अनुरूप किया गया। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान देशभर के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में आयोजित समान गतिविधियों का उल्लेख किया गया, जिससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर की पहल और दृष्टिकोण की जानकारी मिली। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मंच पर उनकी प्रस्तुतियों और प्रयासों का उल्लेख किया गया, जहां उनकी भागीदारी को दर्ज किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह और नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप की उपस्थिति रही। इसके साथ ही डॉ. हेमलता ठाकुर, डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव, डॉ. सचिन पांडे और डॉ. विवेक शर्मा सहित अन्य चिकित्सक, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। यह आयोजन पूरे दिन विविध गतिविधियों, शैक्षणिक संवाद और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के साथ संचालित होता रहा, जहां स्वास्थ्य और जेंडर समानता से जुड़े विषय केंद्र में रहे। मनोज राज 26 मार्च 2026